असम कांग्रेस के सचिव एवं हिन्दी भाषीयो के पक्ष में अपनी बातों को बेबाक रखने वाले गौरव सोमानी ने बदरुद्दीन अजमल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अजमल का मारवाड़ी समुदाय के खिलाफ टिप्पणी करना अपने पूर्वजों के खिलाफ टिप्पणी करने जैसा है और अजमल को यह समझना चाहिए। सोमानी ने कहा कि बदरुद्दीन अजमल एक सांप्रदायिक नेता हैं और असम में शांति और सद्भाव को नष्ट करना चाहते हैं। वह और उनकी पार्टी एआईयूडीएफ असम में लगभग खत्म होने की कगार पर है और इसलिए हताशा में वह बकवास बोलते हैं। सोमानी ने कहा कि मारवाड़ी समुदाय हमेशा व्यवसाय करने से जुड़ा रहा है और उनकी ईमानदारी और व्यावसायिक समझ ने उन्हें दुनिया भर में उचित पहचान दिलाई है। सोमानी ने कहा कि चूंकि अजमल व्यवसाय से जुड़ा है, इसलिए ऐसा लगता है कि उसके पूर्वज भी संभवतः हिंदू मारवाड़ी परिवार से थे। अजमल का मारवाड़ी समुदाय के खिलाफ कुछ भी टिप्पणी करना अपने ही पूर्वजों के खिलाफ टिप्पणी करने जैसा है। सोमानी ने कहा कि अजमल के पूर्वज हिंदू धर्म के प्रचारक थे और उनके वंशज ने इसलाम धर्म को बाद में अपना लिया था। सोमानी ने आगे कहा कि मारवाड़ी समुदाय को अजमल से सरटीफिकेट की जरूरत नहीं।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने असम में सब्जियों की महंगाई के लिए मिया समुदाय को जिम्मेदार ठहराया था। मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि महंगाई के लिए मारवाड़ी समुदाय और व्यापारी जिम्मेदार हैं और असम के मुख्यमंत्री ऐसे भ्रष्ट मारवाड़ी व्यापारियों से पैसे लेकर उनहें बचा रही हैं।
युवा नेता गौरव सोमानी ने मीडिया से बात करते हुए बदरुद्दीन अजमल को मारवाड़ी समुदाय के खिलाफ गलत टिप्पणी करने से परहेज करने की चेतावनी दी और मारवाड़ी समुदाय से माफी मांगने की मांग की।








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