सेठ सांवरिया सत्संग समिति द्वारा आयोजित कथा का श्रवण करने पहुंचे राज्यपाल
गुवाहाटी 30 जुलाई। जहां धर्म रहेगा वहां आप और मैं रहेंगे। अगर धर्म नहीं रहेगा तो आप और में भी नहीं रहेंगे। कहीं कहीं इसका अनुभव भी हो रहा है। अगर हम अपने धर्म को नहीं बचा पाए तो जान लीजिए हम अपने आप को भी नही बचा पाएंगे। यह बाते राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने रविवार को कही। दरअसल श्री गौहाटी गौशाला के वृंदावन गार्डन प्रांगण में सेठ सांवरिया सत्संग समिति की ओर से आयोजित नौ दिवसीय श्री रामचरित मानस एवं शिव चरित्र कथा के आयोजन के सातवें दिन बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री कटारिया पहुंचे। उन्होंने कहा कि इतने लंबे कालखंड के बाद भी मर्यादा पुरषोत्तम श्री राम जन जन के जीवन मे वास करते है। उसका ही परिणाम है कि आज अपना देश इतने लंबे संघर्षों के बाद भी अपने महान ग्रंथो को आज भी हम सब तक पहुंचा रहा हैं। राज्यपाल ने इतने सुंदर आयोजन के लिए सेठ सांवरिया सत्संग समिति के सभी सदस्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मेरा भी सौभाग्य है कि इस आयोजन के माध्यम से प्रभु श्री राम के चरणों में मुझे वंदन करने का मौका मिला।
इससे पूर्व कथा के सातवे दिवस व्यास पीठ पर विराजमान परम् मनीषी, विद्धान पुज्य आचार्य श्री गौरव जी व्यास (श्री गोपालजी) ने प्रभु श्रीराम व माता सीता के स्वयंबर कथा का गुणगान किया। इस दौरान प्रभु श्री राम व माता सीता के जीवंत झांकी के माध्यम से स्वयंवर को देख उपस्थित भक्तगण भाव विभोर हो उठे।
श्री राम विवाह उत्सव के साक्षी बनने बड़ी संख्या में भक्तों की उपस्थिति देखी गई। इस मौके पर राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने प्रभु श्री राम व माता जानकी का तिलक किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने व्यासपीठ की पूजा की वहीं आयोजन समिति की ओर से राज्यपाल का अभिनंदन किया गया।
इससे पूर्व आज सुबह भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया, जिसमें यजमान के रूप में श्री संतोष चौधरी, श्री माखनलाल अग्रवाल एवं श्री दीनदयाल अग्रवाल ने सपत्नीक पूजा अर्चना के पश्चात व्यास पीठ की आरती की।
काफी संख्या में नगरवासी महाआरती का आंनद उठाने शाम को भी पहुंच रहे हैं बनारस के विद्वानों द्वारा 45 मिनट निरंतरता से होने वाली महाआरती के दर्शन विशेष हैं। कथा का आयोजन आगामी 1 अगस्त तक रोजाना दोपहर 2:30 बजे से 6 बजे तक श्री गौहाटी गौशाला के वृंदावन गार्डन में किया जा रहा हैं।








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