9 विधानसभा क्षेत्र और एक लोकसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित
19 विधानसभा क्षेत्र और दो लोकसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित
नई सीमाओं के साथ 126 निर्वाचन क्षेत्र की घोषणा
34 मंत्री और विधायकों ने खोये अपने निर्वाचन क्षेत्र
गुवाहाटी। भारतीय निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को असम विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्निर्धारण के मसौदे पर अपने अंतिम मोहर लगा दी है अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले 19--20 और 21 जुलाई को 3 दिन के लिए गुवाहाटी में जनसुनवाई आयोजित की गई थी। जनसुनवाई में मुख्य चुनाव आयुक्त और दो अन्य आयुक्त उपस्थित थे। जनसुनवाई में 20 राजनीतिक दलों ने भाग लिया। आयोग को सुनवाई के लिए 1222 याचिकाएं प्राप्त हुई थी। आयोग का दावा है कि अंतिम सूची तैयार करने के दौरान आवेदनों और सिफारिशों में से 45% को स्वीकार कर लिया गया है। अंतिम सूची में 9 विधानसभा क्षेत्र और 1 लोकसभा क्षेत्र को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है ।19 विधानसभा क्षेत्र और 2 लोकसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होंगी। अंतिम सूची में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र की संख्या 8 से बढ़कर 9 कर दी गई है। इसी प्रकार अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र की संख्या 16 से बढ़कर 19 हो गई। पश्चिम कार्बी आंगलांग जिले में एक विधानसभा क्षेत्र बढ़ गया है। बोडोलैंड में विधान सभा क्षेत्र की संख्या अब 11 से बढ़कर 15 हो जाएगी। कोकराझार और दीफू लोकसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होंगे। लखीमपुर लोकसभा क्षेत्र अनारक्षित रहेगा। धेमाजी जिले में एक विधानसभा क्षेत्र अनारक्षित होगा। डीपू लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होगा और इसमें छः विधानसभा क्षेत्र और तीन स्वायत्त जिले होंगे ।बराक घाटी के तीन जिलों क्रमशः कछार, करीमगंज और हैलाकंदी को कवर करने वाले दो संसदीय क्षेत्र होंगे। मानाह के नाम से एक विधानसभा और काजीरंगा नाम से एक नया लोकसभा क्षेत्र होगा। काजीरंगा का पहले नाम कालियाबर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र था। निर्वाचन आयोग ने विधानसभा क्षेत्रों की संख्या 126 और लोकसभा क्षेत्रों की संख्या 14 को बरकरार रखा है। नए परिसीमन के चलते 34 मंत्री और विधायकों ने अपने अपने निर्वाचन क्षेत्र खो दिए हैं। असम विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी समेत 29 विधायक और चार मंत्री भी इस सूची में शामिल है। जिन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में अपने राजनीतिक भविष्य को अनिश्चितता में धकेल दिया है। असम विधानसभा में भाजपा के 63 में से 10 विधायक अपना निर्वाचन क्षेत्र खो देंगे। सदन में कांग्रेस के 26 में से 5 विधायक अपना निर्वाचन क्षेत्र खो देंगे। निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्निर्धारण के कारण मंत्री रंजीत कुमार दास, यूजी ब्रह्मा, परिमल शुक्लबैद्य और चंद्र मोहन पटवारी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र खो दिए हैं।








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