गुवाहाटी। फैंसी बाजार के वासिन्दो की आशा व आकांक्षाओं को पूर्ण करते हुए असम के मुख्यमंत्री डॉक्टर हिमंत विश्व शर्मा ने पुराने जेल परिसर में बोटैनिकल गार्डन का लोकार्पण फीता काटकर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। गुवाहाटी महानगर विकास प्राधिकरण की इस परियोजना का निर्माण कार्य हाईटेक एक ग्रीन कंस्ट्रक्शन की ओर से किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा ने आज इसका औपचारिक रूप से उद्घाटन करते हुए कहां कि यह गार्डन विभिन्न सुविधा उपलब्ध कराने के अलावा प्रातः भ्रमणकारी लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। प्रातः भ्रमणकारी निशुल्क रूप से प्रातः भ्रमण कर सके इसके लिए जीएमडीए को वे अनुरोध करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गार्डन करीब 43 बीघा में फैला हुआ है। इस गार्डन में दो तालाब, एक टावर, एक योग केंद्र, एक केंद्रीय प्लाजा, एक जेल स्मारक, सैकड़ो पौधे ,औषधीय पौधे, बच्चों के मनोरंजन के साथन, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अतिथि कक्ष, एमपी थियेटर और आकर्षक फव्वारे मौजूद हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कंक्रीट के शहर में भाग दौड़ भरी जिंदगी व्यतीत करने वाले लोगों को हरियाली युक्त वातावरण देने के साथ स्वच्छ वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से गुवाहाटी के विभिन्न तरह के उन्नयनमूलक कार्य हो रहे हैं। पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार गुवाहाटी को दक्षिण पूर्व एशिया का प्रमुख केंद्र बनाने की योजना है।जिसमें गुवाहाटी के चारों तरफ छ लेन वाला रिंग रोड, 2000 सीसीटीवी सैटेलाइट कमान व कंट्रोल रूम के साथ स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करनी है।मुख्य मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि चांदमारी स्थित 20 बीघा भूमि पर उद्यान भी बनेगा। दीपोर बिल पर बांध का निर्माण के साथ साइकिलिंग की भी सुविधा दी जाएगी। पानी को स्वच्छ बनाने, पक्षी संरक्षण करने, रबर वोट चलाने, वॉच टावर बनाने आदि की योजना भी है। इसके साथ ही दुर्गा पूजा के पूर्व 18 अक्टूबर को जू रोड फ्लाईओवर ब्रिज का उद्घाटन भी किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार वाटर टर्मिनल और कामाख्या स्टेशन से कामाख्या मंदिर तक रोपवे कॉरिडोर के साथ कई विकास मूलक कार्य पर जोर दे रही है। इस कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री अशोक सिंघल, गुवाहाटी की सांसद क्वीन ओझा, जीएमडीए के अध्यक्ष नारायण डेका, कामरूप मेट्रो के उपयुक्त पल्लव गोपाल झा, गुवाहाटी नगर निगम के मेयर मृगेन सरनिया, स्थानीय पार्षद प्रमोद स्वामी, स्वतंत्रता सेनानी महावीर स्वामी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।आज प्रथम दिन लोगों ने बोटैनिकल गार्डन का पूरी तरह से आनंद लेते हुए गार्डन का अवलोकन भी किया। स्थानीय लोगों के मन में इस गार्डन को लेकर काफी उत्साह उमंग और खुशी दिखाई दे रही थी। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी व्यापारिक मंडी कहा जाने वाला फैंसी बाजार अंग्रेजों के शासन काल में व्यापारिक दिशा में काफी पिछड़ा हुआ था। अंग्रेजों ने यहां एक कारागार का निर्माण करवा कर उसमें अपराधियों को रखने के अलावा स्वतंत्रता सेनानियों को भी फांसी दी जाती थी। आपातकाल के दौरान भी देश प्रेमियों को इसी कारागार में बंदी बनाकर रखा गया था। इस पुरानी जेल परिसर में फांसी के फंदे पर झूलने वाले वे स्वतंत्रता सेनानी आज गुमनामी के अंधेरे में खो गए हैं। ऐसी कलंकित जगह पर आज असम सरकार ने अति सुंदर बोटैनिकल गार्डन तैयार कर उसे लोकार्पण के लिए तैयार कर दिया है। यह उन गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों की आत्माओं को एक श्रद्धांजलि मानी जा रही है। अंग्रेजों के चलते जिस जगह का नाम फांसी बाजार था उसे अब फैंसी बाजार के नाम से लोग जानते है। गुवाहाटी महानगर विकास प्राधिकरण की इस परियोजना का निर्माण कार्य हाईटेक इकोग्रीन कंस्ट्रक्शन एलएलपी द्वारा किया गया है। करीब 60 बीघा क्षेत्र में फैली बोटैनिकल गार्डन में दो तालाब, एक मचान टावर, एक योग केंद्र, एक केंद्रीय प्लाजा और जेल स्मारक बनाया गया है। गार्डन के मध्य में स्थित स्पेशल प्लांटेशन जोन में व्यावसायिक महत्व की विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इस उद्यान में फैंसी बाजार व उसके आसपास के लोग सुबह और शाम की सैर के अलावा अन्य गई सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। जो उनके तनावपूर्ण जीवन को काफी राहत प्रदान करेगी। इस गार्डन में प्राचीन काल की एक छोटे से शिव मंदिर को भी सुरक्षित करने के साथ-साथ जेल स्मारक भी बनाया गया है। शाम के समय इसकी रंग बिरंगी रोशनी देखते ही बनती है। इसमें विजिटर्स सेंटर के अलावा एमपी थियेटर, फव्वारा आदि भी लोगों को आकर्षित करेंगे। बच्चों के लिए भी मनोरंजन की सुविधा का ध्यान रखा गया है। इस गार्डन को मुख्यमंत्री डा. हिमंत विश्व शर्मा की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक परियोजना माना जा रहा है। फैंसी बाजार के व्यापारी दुकानदार व अन्य लोग स्वच्छ हवा का लुफ्त उठा सके यही इस गार्डन का मुख्य उद्देश्य है। यह गार्डन पुरानी जेल परिसर की 60 मे से 43 बीघा जमीन पर तैयार किया गया है। लगभग 11 वर्ष पूर्व गुवाहाटी के केंद्रीय कारागार को फैंसी बाजार से गोडचुक में स्थानांतरित करने के बाद फैंसी बाजार के कारागार की जमीन खाली पड़ी हुई थी। जिस पर तत्कालीन सरकार ने शॉपिंग कांप्लेक्स बनाने की योजना बनाई थी।मगर उस समय तत्कालीन गुवाहाटी विकास विभाग के मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने फैंसी बाजार के कारागार की 60 बीघा जमीन पर बोटैनिकल पार्क का निर्माण करने की घोषणा की थी। इस उद्यान का निर्माण कार्य वर्ष 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखते हुए डॉक्टर शर्मा ने गुवाहाटी महानगर विकास प्राधिकरण को यह जिम्मेदारी सौंप थी। जबकि पूर्व सरकार की लापरवाही के कारण प्रस्तावित पार्क के निर्माण कार्य में काफी विलंब हुआ। राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2016 में इस उद्यान के निर्माण के लिए 3 करोड रुपए जारी किए गए।उसके बाद फिर वर्ष 2017 में भी रुपए जारी किए गए। जब डॉक्टर हिमंत विश्व शर्मा मुख्यमंत्री बने तो उक्त पार्क के कामकाज को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। जिसका नतीजा है कि शहर के बीचो-बीच यह उद्यान बनकर तैयार है। इस बोटैनिकल गार्डन में कारागार का सौंदर्य करण करके आकर्षक रूप दिया गया है। बीच में उद्यान मचान टावर, मल्टी कार पार्किंग, योग केंद्र ,डिजिटल म्यूजिक प्रेक्षागृह, वॉकिंग प्लेस आदि का निर्माण भी किया गया है ।इस गार्डन में बच्चों के लिए प्लेग्राउंड भी बनाया गया है जहां बच्चे खेल का आनंद उठा सकेंगे।
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मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने फैंसी बाजार में बोटैनिकल गार्डन का लोकार्पण किया
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