गुवाहाटी. महानगर की हृदयस्थली में स्थित नीलांचल पर्वत पर पौराणिक कालीन शक्तिपीठ मां कामाख्या धाम मे आज नवरात्रि की नवमी पर भक्तों का सैलाब उमड पाड़ा। इस अवसर पर मंदिर प्रबंधन समिति के द्वारा कन्या पूजन करवा कर कन्या को मंदिर की प्रदिक्षणा भी करवाई गई। करीब 50 हजार भक्तों ने मंदिर में अपनी हाजिरी लगाई। नवरात्रि की अवसर पर मंदिर में वीआईपी पास को पूर्णतया बंद रखा गया। गौरतलब है कि कामाख्या शक्तिपीठ मां शक्ति का योनि अंग यहां गिरने से स्थापित हुआ था। यह मंदिर कई बार बना और असुरों के द्वारा कई बार खंडित भी हुआ। प्रागज्योतिषपुर के राजा नरकासुर ने देवी को प्रसन्न करने के लिए मंदिर का र्निर्माण कराया था। लेकिन देवी की शर्तों को पूरा न करने के कारण निर्माण कार्य आधा ही रह गया था। कालांतर में असम के अन्य राजाओं ने इस मंदिर के निर्माण कार्य को पूरा किया। यह मंदिर तांत्रिक पद्धति पर निर्भर रहता है। नवरात्रि की अष्टमी को पशु बलि भी दी जाती है। वर्ष में एक बार 22 जून को देवी की योनि मुद्रा से राजस्वला रक्त स्राव होने की वजह से तीन दिन तक मंदिर के कपाट बंद रहते हैं।उस समय अंबुवासी महायोग नाम से एक उत्सव भी मनाया जाता है।जिसने वर्तमान एक मेले का रूप ले लिया है। मंदिर के सौंदर्य करण के लिए काशी विश्वनाथ और महाकाल मंदिर की तर्ज पर ही असम के मुख्यमंत्री डॉक्टर हिमंत विश्व शर्मा के निर्देश पर इसका आधुनिकीकरण करने का कार्य जोर से चल रहा है। यह कार्य पूर्ण होते ही कामाख्या मंदिर भी काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल और अयोध्या स्थित राम मंदिर की तरह ही आकषर्णीय हो जाएगा।
!->
Home
Unlabelled
नवरात्रि की महानवमी के उपलक्ष पर कामाख्या धाम में उमड़ा भक्तों का सैलाब
नवरात्रि की महानवमी के उपलक्ष पर कामाख्या धाम में उमड़ा भक्तों का सैलाब
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)








कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें