गुवाहाटी. दूरसंचार विभाग राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से आपदाओं के दौरान आपातकालीन संचार को बढ़ाने और नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए एक सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम परीक्षण कर रहा है। नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के तहत प्रत्येक दूरसंचार सेवा प्रदाता पर सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया जा रहा है। विभिन्न मोबाइल ऑपरेटर और सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम की आपातकालीन चेतावनी प्रसारण क्षमताओं की दक्षता और प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए यह प्रशिक्षण समय-समय पर देश भर के विभिन्न क्षेत्रों में किए जाएंगे। सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम एक अत्याधुनिक तकनीक है, जो हमें एक निर्दिष्ट भौगोलिक क्षेत्र के भीतर सभी मोबाइल उपकरणों पर आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण और समय आधारित संवेदनशील संदेश भेजने की अनुमति देता है।
भले ही प्राप्तकर्ता निवासी हो या आगंतुक हो यह सुनिश्चित करता है कि महत्वपूर्ण आपातकालीन जानकारी समय पर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। इसका उपयोग सरकारी एजेंसियों और आपातकालीन सेवाओं द्वारा जनता को संभावित खतरों के बारे में सूचित करने और गंभीर परिस्थितियों के दौरान उन्हें सतर्क रखने के लिए किया जाता है। सेल ब्रॉडकास्ट का उपयोग आमतौर पर आपातकालीन अलर्ट देने के लिए किया जाता है, जैसे कि गंभीर मौसम की चेतावनी , सुनामी, बाढ़, भूकंप आदि । अधिकारियों ने बताया कि परीक्षण अवधि के दौरान लोगों को उनके मोबाइल उपकरणों पर नकली आपातकालीन अलर्ट प्राप्त हो रहे हैं। ये अलर्ट नियोजित परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है और वास्तविक आपात स्थिति का संकेत नहीं है। हालांकि भ्रम से बचने के लिए प्रत्येक प्रशिक्षण अलर्ट स्पष्ट रूप से इंगित करेगा कि यह एक परीक्षण संदेश है।आज अनेक मोबाइल में एक अलर्ट मैसेज आ रहा है, जिसमें कुछ देर के लिए बीप की आवाज आ रही है। यह एक ट्रायल है, जो दूरसंचार विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण करने जा रहा है।ट्रायल का उद्देश्य बाढ़-भूकंप जैसी इमरजेंसी से पहले अलर्ट भेजना है।सफल ट्रायल के बाद भविष्य में इमरजेंसी की स्थिति में यह होगा इस्तेमाल।
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