निखिल कुमार मुन्दडा
होजाई। होजाई स्थित रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह का आयोजन आज किया गया। जिसमें असम के राज्यपाल व रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलपति गुलाबचंद कटारिया उपस्थित थे। वहीं जोरहाट सीएसआईआर नॉर्थ ईस्ट इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के निर्देश डॉ वीरेंद्र एम तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उक्त समारोह में राज्यपाल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन विद्यार्थियों के लिए त्यौहार है। आज उनके परिश्रम सही मायने में सफल हुआ है। उन्होंने कहा छात्र-छात्राओं से अधिक खुशी उनके माता-पिता व गुरुजनों को होगी, छात्रों की सफलता के पीछे माता-पिता व गुरुओं की अहम भूमिका होती है। राज्यपाल ने आगे कहा यह विश्वविद्यालय सामान्य नहीं है, यह कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर के नाम पर है और सभी विद्यार्थियों को हर समय यह याद रखना चाहिए कि उनकी वजह से विश्वविद्यालय का नाम कभी खराब ना हो। उन्होंने आगे कहा सिर्फ किताब पढ़ने से कोई महान नहीं बनता महान बनने के लिए लोगों को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाना पड़ता है। अगर अपनी पढ़ाई का मन रखता है तो गरीबों की सेवा करना अति आवश्यक है।उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा शर्मा के नेतृत्व में असम तीव्र गति से प्रगति की ओर अग्रसर है और खास तौर पर शिक्षा के क्षेत्र में असम में काफी उन्नति हुई है। राज्यपाल ने यह भी कहा की पढ़ाई का अर्थ यह नहीं हुआ कि हम जीवन में नौकरी हासिल करें हमें अपने शिक्षा के बल पर आत्मनिर्भर होकर हमें दूसरों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करना चाहिए। वह सही शिक्षा कहलाएगी। वहीं मुख्यअतिथि डॉ वीरेंद्र एम तिवारी ने विस्तार से रविंद्रनाथ टैगोर के शिक्षा दर्शन पर विस्तार से अपने विचार रखें। उन्होंने जोर देते हुए कहा है कि रविंद्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय एक अग्रणी शिक्षा संस्थान की भूमिका निभाते हुए शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लेकर आएगा। वही विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रोफेसर अमलेंदु चक्रवर्ती ने ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए गर्व का दिन है। उन्होंने कहा कि रविंद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एक उदाहरण है कि कैसे एक शिक्षा संस्थान के शिक्षकों व विद्यार्थियों के निरंतर कड़ी मेहनत के बल पर आगे बढ़ सकता है। उन्होंने आगे कहा कि यह विश्वविद्यालय एक ऐसी जगह स्थित है जो की भारत की विभिन्नता में एकता की एक झलक है। गौरतलब है,
असम सरकार ने उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए होजाई महाविद्यालय को विश्वविद्यालय में उन्नतिकरण करने के लिए 2017 में रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय अधिनियम XXXIV लागू किया था। उल्लेखनीय है कि होजाई महाविद्यालय की स्थापना 11 जुलाई ,1964 को स्थानीय जागरूक लोगों के संरक्षण में हुआ था। वहीं रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय अधिनियम 16 अक्टूबर,2017 को लागू हुआ था। दीक्षांत समारोह में कुल 1,124 छात्रों को डिग्री प्रदान की गयी। इनमें से 950 स्नातक और 174 स्नातकोत्तर हैं। दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए 569 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 118 कला में स्नातकोत्तर हैं और 56 विज्ञान में स्नातकोत्तर हैं। 472 छात्रों ने कला से, 272 ने विज्ञान से और 206 ने वाणिज्य से स्नातक किया है। असम के राज्यपाल व्यक्तिगत रूप से विश्वविद्यालय के दो सर्वश्रेष्ठ स्नातकोत्तर छात्रों को स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र प्रदान किया। दो स्वर्ण पदक विजेता नसीमा यास्मीन हैं, जो प्राकृतिक विज्ञान अनुभाग में रसायन विज्ञान की छात्रा हैं नसीमा यास्मीन को राधिका रंजन चक्रवर्ती मेमोरियल गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। बंगला विभाग से स्नातकोत्तर छात्र पूजा चंद को बसंत चक्रवर्ती मेमोरियल गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। 2019 में अंग्रेजी विभाग से स्नातक उत्तीर्ण करने वाली दिव्यांग छात्र नेहा दास को भी डिग्री व प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान व विश्वविद्यालय के गीत के साथ हुआ। इसके बाद विश्वविद्यालय के पंजीयक तिलक चंद्र कलिता ने उद्देश्य की व्याख्या की। वही कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान व राज्य गीत (ओ मोर अपुनर देश) के साथ हुआ।







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