डिब्रुगढ़ की लगभग एक सौ साल पुरानी संस्था श्री मारवाड़ी नाट्य समिति में जैन धर्मलाम्बियो को संस्था से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के विवादित मुद्दे पर विराम लग गया है। मालूम हो कि श्री अग्रसेन मंदिर के सभागार में श्री मारवाड़ी नाट्य समिति के अध्यक्ष महेश मुनका व सचिव निर्मल गारोडिया एवं अन्य सदस्यों के साथ जैन समाज के समर्थन में गठित समिति के संजोयक कैलाश बगरिया तथा अन्य सदस्यों की उपस्थिति में एक बैठक का आयोजन किया गया। उक्त बैठक में मारवाड़ी समाज और जैन समाज के वरिष्ठ लोग उपस्थित रहे। कई घंटो की बैठक के बाद सभी बातों पर चर्चा पर सवाल उठा कि संस्था के नाम मे ही मारवाड़ी है तो जैन समाज को लेकर फिर संविधान में संसोधन क्यों किया गया बैठक के अंत में श्री मारवाड़ी नाट्य समिति के अध्यक्ष महेश मुनका ने आश्वासन दिया कि आगामी आम सभा में समिति के तरफ से नाट्य समिति द्वारा पारित प्रस्ताव को वापस लेने का प्रस्ताव रखा जायेगा। इस बात को लेकर दोनों पक्षो के बिच हस्ताक्षर किया गया। मारवाड़ी नाट्य समिति द्वारा अपने पूर्व के फैसले पर विचार करने का निर्णय से मारवाड़ी एकता को कायम रखने की दिशा में सराहनीय पहल है। आगामी 26 मई को आयोजित होने वाले सभा में नाट्य समिति अपने पुराने फैसले को रद्द करने की पुरी आशा है।







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