गुवाहाटी। रेमल चक्रवात का असम में भी व्यापक असर पडा। अनेक जगहों से पेड़ गिरने, छतों की टिन उड़ने, बिजली गुल होने की सूचना प्राप्त। कई जिलों में सरकारी - बेसरकारी दफ्तर एवं स्कूल बंद रखने की प्रशासन ने घोषणा कर दी। रात्रि को आए तूफान ने रास्ते में जगह-जगह पेड़ों को उखाड़ दिया तथा पेड़ों की डालिया टूटकर जहां-तहां गिरी। जब लोगों ने हवा की तरफ ध्यान दिया तो लगा की हवा का रुख चक्राकार अवस्था में था। किसी एक निर्दिष्ट दिशा से हवा का तेज झोंका नहीं आ रहा था। बल्कि चारों ओर से ही हवा के झोंकों का दबाव था। प्रातः काल दूध लेनेवाले ग्राहकों की छतरियां भी उड़कर चली गई। आठगांव कब्रिस्तान के सामने गौशाला परिसर में मारवाड़ी हॉस्पिटल की पार्किंग की टीन उड़कर सड़कों पर बिखर गई।तेज हवा के झोंकों ने लोगों की दिनचर्या को अस्त -व्यस्त कर दिया। वीआईपी रोड में एक मोटरसाइकिल चालक पर भारी भरकमम पेड़ उखड़कर गिर गया। मौसम विभाग की सूचना के अनुसार रेमल तूफान का प्रभाव 48 घंटे तक रहेगा। जिसमें शुरुआती 24 घंटे में दबाव अधिक रहेगा। उसके बाद इसका दबाव धीरे-धीरे कम होता जाएगा।
चक्रवात रेमल ने असम को प्रभावित किया है, जिसके कारण कई इलाकों में तूफान आया है। दुखद बात यह है कि मारीगांव में कौशिक बोरदोलोई (17) नामक छात्र की मौत हो गई, जबकि ढेकियाजुली में पेड़ गिरने से 12 छात्र घायल हो गए। गुवाहाटी में कॉटन यूनिवर्सिटी और ज्योति चित्रबन जैसी जगहों पर पेड़ उखड़ कर गिर गये। लेकिन लोगों या इमारतों को कोई नुकसान नहीं हुआ। गुवाहाटी समेत निचले असम में बिजली आपूर्ति बाधित है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने एक अपील जारी करते हुए कहा कि हम स्थिति पर नज़र रख रहे हैं और सभी से अनुरोध करते हैं कि स्थिति स्थिर होने तक घर के अंदर ही रहे।







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