लखीमपुर से ओमप्रकाश तिवारी और राजेश राठी
लखीमपुर: राज्य में पत्रकारों के साथ हो रहे बढ़ते दुर्व्यवहार के खिलाफ नॉर्थ लखीमपुर प्रेस क्लब में एक ऐतिहासिक और विरोध सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में प्रेस की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले नेताओं की शब्दों से नहीं, प्रस्तावों से निन्दा की गई।
सभा की अध्यक्षता क्लब के वरिष्ठ अध्यक्ष कुमुद बरूआ ने की और संचालन किया संपादक करुणा कृष्ण नाथ ने। इसमें शैलेन बरुआ, अजीत मेधी, प्रशांत मोदक, जीवन गोस्वामी, राजेश राठी समेत कई प्रतिष्ठित पत्रकार शामिल हुए।
मंत्री जयंत मल्ल बरूआ पर तीखा हमला
सभा में सबसे अधिक आक्रोश मंत्री जयंत मल्ल बरूआ की उस टिप्पणी को लेकर था जो उन्होंने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के प्रति की थी। क्लब ने इसे प्रेस की गरिमा पर सीधा हमला बताया और मंत्री से सार्वजनिक माफ़ी की मांग की।
सभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार –
🔹 जब तक मंत्री माफ़ी नहीं मांगते, उनका पूर्ण मीडिया बहिष्कार किया जाएगा।
🔹 माफ़ी के बाद भी एक माह तक उनके किसी भी समाचार का प्रकाशन या प्रसारण नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से कार्रवाई की माँग
सभा में मुख्यमंत्री से भी अपील की गई कि वे सभी मंत्रियों और विधायकों को सख़्त निर्देश दें कि वे सार्वजनिक मंचों पर पत्रकारों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार करें, अन्यथा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
सांसद के सहायक की धमकी पर आक्रोश
सभा में धेमाजी ज़िले में लखीमपुर लोकसभा सांसद प्रदान बरूआ के निजी सहायक कंकंज्योति भुइयां द्वारा पत्रकार मृदुपवन सूतीया को दी गई जान से मारने की धमकी पर भी गहरा रोष व्यक्त किया गया। क्लब ने निष्पक्ष जांच की माँग करते हुए सांसद से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की अपील की।
प्रेस क्लब का दो टूक ऐलान
सभा के अंत में सर्वसम्मति से यह संकल्प पारित किया गया कि:
> "पत्रकारिता की गरिमा पर अब कोई हमला चुपचाप नहीं सहा जाएगा। हर अपमान का जवाब एकजुट होकर दिया जाएगा।"
यह सिर्फ विरोध नहीं था, यह था प्रेस की आत्मा का आक्रोश।
अब पत्रकार चुप नहीं बैठेंगे – जो बोलेगा, वो झेलेगा।







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