श्री दिगम्बर जैन पंचायत मंदिर भवन ट्रस्ट के महावीर धर्मस्थल गुवाहाटी में दिनांक 11-12 अक्टूबर 2025 को आयोजित दो दिवसीय 'माँ कामाख्या साधना शिविर' में भाग लेने गुवाहाटी पहुँचे हजारों भक्तगण।
गुवाहाटी। विश्वविख्यात सन्यासी सद्गुरुदेव श्री नारायण दत्त श्रीमाली जिन्हे परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानन्द के नाम से जाना जाता है। उनके जेष्ठ पुत्र परम पूज्य गुरुदेव श्री नन्दकिशोर श्रीमाली सदैव कर्म साधना में लीन रहकर लाखों परिवारों को मंत्र साधना के मार्ग से जोड़ने वाले ऐसे कर्मयोगी हैं, जिनका ध्येय मानवीय जीवन मूल्यों की रक्षा करना और भारतीय वैदिक संस्कृति को पुनः स्थापित करना है। जो लाखों लोगों की जीवन धारा को अपने ज्ञान से प्रकाशित कर रहे हैं। आपकी कर्मभूमि जोधपुर, राजस्थान है तथा आप निखिल मंत्र विज्ञान के संस्थापक हैं।
ऐसे सुविख्यात कर्म योगी सन्त व समाज सुधारक परम ज्ञानी पूज्य गुरुदेव श्री नन्दकिशोर श्रीमाली जी श्री दिगम्बर जैन पंचायत मंदिर भवन ट्रस्ट के महावीर धर्मस्थल, गुवाहाटी में दिनांक 11-12 अक्टूबर 2025 को आयोजित होने वाले दो दिवसीय 'माँ कामाख्या साधना शिविर' में भाग लेने के लिए गुवाहाटी आ गये हैं।
गुवाहाटी पहुँचने के बाद पूज्य गुरुदेव जी 'माँ कामाख्या' के दर्शन व पूजन किया। इसके बाद दो दिवसीय 'माँ कामाख्या साधना शिविर' में भाग लेने आए हजारों भक्तजनों को अपने दर्शन व अमृतमय प्रवचन से आप्लावित करेंगे।
इस आशय की जानकारी अन्तर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष बाबू फौजदार सिंह ने गुवाहाटी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार के सर्वश्री राधेश्याम तिवारी, दिनेश कुमार मिश्रा, उद्योगपति प्रभु दयाल सियोटिया, राम मिलन सिंह, दिवाकर सिंह, श्रीमती मीरा मिश्रा, सीबी सिंह (चंद्रभान सिंह चंदगी), रमाशंकर यादव, विन्ध्याचल पाण्डेय, रामू राम आर्या, सिद्धेश्वर शर्मा, जितेन्द्र मौर्या, हरेन्द्र यादव, मनोजकुमार सिंह सहित अनेकों लोग उपस्थित रहे।








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