मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बड़ा फैसला लिया है। असम सरकार ने राज्य की हाई-स्कूल स्तर की इतिहास की किताबों को दोबारा लिखने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि मौजूदा किताबों में असम के इतिहास को पूरी सच्चाई और सही दृष्टिकोण से नहीं दिखाया गया है।
सरकार का मानना है कि, स्थानीय नायकों, असम के स्वतंत्रता संग्राम, आदिवासी और क्षेत्रीय इतिहास को पर्याप्त महत्व नहीं मिला है।
अब विशेषज्ञों की एक समिति बनाई जाएगी, जो किताबों की समीक्षा करेगी और ज़रूरत पड़ने पर नया पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य इतिहास को सही, संतुलित और बच्चों के लिए उपयोगी बनाना है।
हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि इतिहास से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए और इसे राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।








कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें