अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं: सवर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर अष्टलक्ष्मी का प्रधानमंत्री को ज्ञापन - Rise Plus

NEWS

Rise Plus

असम का सबसे सक्रिय हिंदी डिजिटल मीडिया


Post Top Ad

अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं: सवर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर अष्टलक्ष्मी का प्रधानमंत्री को ज्ञापन




गुवाहाटी, अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपकर सवर्ण समाज की लगातार हो रही उपेक्षा पर कड़ा सवाल खड़ा किया है और सवर्ण आयोग के गठन की मांग की है। फाउंडेशन ने कहा है कि जिस सवर्ण समाज ने स्वतंत्रता से पहले सनातन धर्म की रक्षा, वेद–उपनिषदों की परंपरा और स्वतंत्रता संग्राम को नेतृत्व दिया तथा आज़ादी के बाद राष्ट्र निर्माण की हर धुरी को मजबूती दी, वही समाज आज नीतिगत अनदेखी का शिकार है।

ज्ञापन में कहा गया है कि सनातन धर्म, शिक्षा, दर्शन, न्याय, प्रशासन, सेना, विज्ञान, चिकित्सा और उद्योग जैसे क्षेत्रों में सवर्ण समाज की भूमिका ऐतिहासिक रही है, लेकिन विडंबना यह है कि आज उसके योगदान पर न अध्ययन है, न आंकलन और न ही कोई सुनवाई। फाउंडेशन ने सवाल उठाया कि जब देश में हर वर्ग के लिए आयोग बन सकते हैं, तो राष्ट्र की बौद्धिक और सांस्कृतिक रीढ़ रहे सवर्ण समाज के लिए आयोग क्यों नहीं?

अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन की ओर से संयोजक चंद्रप्रकाश शर्मा ने आरोप लगाया कि तथाकथित सामाजिक न्याय की आड़ में एक वर्ग विशेष की राजनीति की जा रही है, जबकि सवर्ण समाज के भीतर मौजूद आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक चुनौतियों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे न केवल समाज में असंतुलन बढ़ रहा है, बल्कि वास्तविक समरसता भी खतरे में पड़ रही है।

ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई है कि स्वतंत्रता से पूर्व एवं पश्चात सवर्ण समाज के सनातन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में योगदान का वैज्ञानिक व तथ्यात्मक अध्ययन कराया जाए, उनकी वर्तमान सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन हो और इसके लिए स्वतंत्र सवर्ण आयोग का गठन किया जाए।

फाउंडेशन ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सवर्ण समाज की भूमिका और समस्याओं को नीतिगत स्तर पर लगातार नज़रअंदाज़ किया गया, तो यह न केवल ऐतिहासिक अन्याय होगा बल्कि सामाजिक संतुलन और राष्ट्रीय एकता के लिए भी घातक सिद्ध हो सकता है। संगठन ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस गंभीर विषय पर हस्तक्षेप करेंगे और राष्ट्रहित में ठोस निर्णय लेंगे।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नियमित रूप से WhatsApp पर हमारी खबर प्राप्त करने के लिए दिए गए 'SUBSCRIBE' बटन पर क्लिक करें