गुवाहाटी. इंडियन ऑयल गुवाहाटी रिफ़ाइनरी के राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक आयोजन में हास्य, व्यंग्य और काव्य के विविध रंग देखने को मिले, जिसे श्रोताओं ने भरपूर सराहा।
कवि सम्मेलन के मुख्य आकर्षण हास्य के लोकप्रिय कवि रोहित शर्मा रहे। उन्होंने कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं संतुलित संचालन करते हुए अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को अंत तक बाँधे रखा। सोशल मीडिया पर लगातार वायरल रहने वाले रोहित शर्मा ने समसामयिक विषयों पर आधारित अपनी रचनाओं से ज़ोरदार तालियाँ बटोरीं।
उन्होंने अपनी चर्चित कविता के माध्यम से वर्तमान दौर पर तीखा व्यंग्य करते हुए कहा—
“मैं सामान्य इंसान हूँ, मगर ये सोच के हैरान हूँ,
कि बदलते दौर में, कोई चैन से कैसे सो सकता है,
यदि कोई आर्टिफ़िशियल है तो वो इंटेलिजेंट कैसे हो सकता है।”
उनकी यह पंक्तियाँ श्रोताओं के बीच विशेष रूप से चर्चित रहीं।
कवि सम्मेलन में पधारे अन्य कवियों हेमंत पांडे जी, पल्लवी मिश्रा जी, विष्णु विराट जी एवं विनोद पांडे जी ने भी अपने बेहतरीन काव्यपाठ से कार्यक्रम को ऊँचाई प्रदान की। विभिन्न रसों की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को साहित्यिक आनंद से सराबोर कर दिया।
इस अवसर पर हिंदी अधिकारी दीपक साह ने कवि सम्मेलन की सफलता का श्रेय अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देते हुए कहा कि उनके सहयोग एवं मार्गदर्शन के बिना इस प्रकार का सफल आयोजन संभव नहीं हो पाता।
श्री सुनील कांति, कार्यकारी निदेशक व रिफाइनरी प्रमुख, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन गुवाहाटी रिफाइनरी ने अपने संबोधन में कहा कि इंडियन ऑयल भविष्य में भी इस तरह के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा, ताकि हिंदी भाषा और साहित्य का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके।
उन्होंने कार्यक्रम में पधारे सभी कवियों और उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।
कुल मिलाकर, यह कवि सम्मेलन हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक सार्थक और सफल प्रयास सिद्ध हुआ।








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