गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जल्द ही कामाख्या रेलवे स्टेशन से नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित मां कामाख्या मंदिर तक एक आधुनिक रोपवे की शुरुआत होने जा रही है, जिससे यात्रा पहले से कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।
करीब 1.43 किलोमीटर लंबे इस रोपवे के चालू होने के बाद मंदिर तक पहुंचने में लगने वाला समय 20 मिनट से घटकर मात्र 6 मिनट रह जाएगा। खासतौर पर त्योहारों और विशेष धार्मिक अवसरों पर रोजाना हजारों श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
रोपवे में 18 आधुनिक गोंडोला लगाए जाएंगे, जो प्रतिदिन 16,500 से अधिक यात्रियों को ले जाने में सक्षम होंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना में यात्रियों की सुरक्षा और आराम को प्राथमिकता दी गई है।
इस रोपवे के शुरू होने से नीलाचल पहाड़ियों की संकरी सड़कों पर लगने वाले जाम से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के रोपवे का उपयोग करने से सड़क यातायात का दबाव कम होगा।
पर्यावरण के लिहाज से भी यह परियोजना अहम मानी जा रही है। इको-फ्रेंडली परिवहन व्यवस्था होने के कारण प्रदूषण में कमी आएगी और पहाड़ी क्षेत्र पर पर्यावरणीय दबाव भी घटेगा।
इसके साथ ही, इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। गुवाहाटी और आसपास के इलाकों में पर्यटन को भी लंबे समय में बढ़ावा मिलने की संभावना है।
करीब 213.24 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह रोपवे प्रोजेक्ट असम की उस सोच को दर्शाता है, जहां आधुनिक बुनियादी ढांचे को राज्य की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत से जोड़ा जा रहा है।








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