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लखीमपुर संसदीय क्षेत्र में चुनावी घमासान की तैयारी, पांचों विधानसभा क्षेत्रों में बहुकोणीय मुकाबला, 24 को जांच और 26 मार्च तक नाम वापसी











लखीमपुर से राजेश राठी और ओमप्रकाश तिवाड़ी की रिपोर्ट


लखीमपुर, असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर लखीमपुर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पांचों विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों के साथ-साथ बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और बहुकोणीय होने जा रहा है। नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जारी उम्मीदवारों की सूची ने राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है और क्षेत्र में चुनावी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। चाय की दुकानों से लेकर बाजारों और गांवों तक संभावित मुकाबलों को लेकर मतदाताओं में उत्सुकता बढ़ती जा रही है।

नामांकन के दिन लखीमपुर शहर पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। भाजपा, कांग्रेस, एजीपी समेत विभिन्न दलों के उम्मीदवार हजारों समर्थकों के साथ गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के बीच जुलूस की शक्ल में जिला आयुक्त कार्यालय पहुंचे। समर्थकों के हाथों में पार्टी झंडे और बैनर थे तथा “जिंदाबाद” के नारों से शहर की गलियां, चौक-चौराहे और मुख्य मार्ग गूंजते रहे। कई उम्मीदवार वाहनों के लंबे काफिलों के साथ पहुंचे तो कुछ पारंपरिक अंदाज में विशेष सवारी के साथ नामांकन भरने आए, जिससे माहौल पूरी तरह चुनावी उत्साह में डूबा दिखाई दिया। यह कहना गलत नहीं होगा कि सुबह से ही लखीमपुर शहर में लोकतंत्र का उत्सव दिखाई दे रहा था।

सभी प्रत्याशियों ने लखीमपुर जिला आयुक्त कार्यालय पहुंचकर अपने-अपने रिटर्निंग अधिकारियों को नामांकन पत्र सौंपे। नामांकन से पहले कई उम्मीदवारों ने धार्मिक स्थलों पर जाकर आशीर्वाद भी लिया। 76-लखीमपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार मानव डेका तथा 74-रंगानदी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार ऋषिराज हजारिका ने नामांकन दाखिल करने से पूर्व शहर के मध्य स्थित श्री श्री सीतारामजी ठाकुरवाड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना कर ठाकुरजी का आशीर्वाद लिया, जिसके बाद समर्थकों के साथ नामांकन के लिए रवाना हुए।

73-बिहपुरिया विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी ने भूपेन बोरा पर दांव लगाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से नारायण भुइयां मैदान में हैं। वीपीआई से डॉ. दिगंता गोगोई चुनावी समर में उतरकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में हैं, वहीं हेमेन गोगोई निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में समीकरण बिगाड़ने की स्थिति में नजर आ रहे हैं। इस सीट पर सीधी टक्कर के साथ-साथ वोटों के बिखराव की संभावना से मुकाबला रोचक होता दिख रहा है।

74-रंगानदी विधानसभा क्षेत्र में इस बार सबसे ज्यादा उम्मीदवारों ने ताल ठोंकी है, जिससे यहां बहुकोणीय मुकाबला बनने के आसार हैं। भाजपा से ऋषिराज हजारिका, कांग्रेस से जयंतो खाऊंड, एसयूसीआई (सी) से हेमकांता मिरी तथा आम आदमी पार्टी से टिकेंद्र थापा मैदान में हैं। इसके अलावा पवन साउताल निर्दलीय, जाकिर हुसैन (आरयूसी), कमल बरला निर्दलीय, स्वप्न पुद्दार बीजीपी तथा अब्दुल गफ्फूर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। अधिक उम्मीदवारों के कारण यहां वोटों के विभाजन का सीधा असर परिणाम पर पड़ सकता है और अंतिम क्षण तक स्थिति रोमांचक बनी रहने की संभावना है।

75-नाऊबैछिया (एससी) विधानसभा क्षेत्र में एजीपी ने बसंतो दास को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने डॉ. जॉय प्रकाश दास को मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी से अच्युत दास चुनावी ताल ठोक रहे हैं, वहीं वीपीआई के बिक्रम दास भी मुकाबले को दिलचस्प बना रहे हैं। इस सीट पर पारंपरिक वोट बैंक और स्थानीय मुद्दों के आधार पर कड़ा मुकाबला होने के संकेत मिल रहे हैं।

76-लखीमपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने मानव डेका को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस से घनो बुरागुहाई मैदान में हैं। एसयूसीआई (सी) से बिरिंची पेगु, आरयूसी से नुरुल अली तथा हेमंता बरूआ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी रणभूमि में उतर चुके हैं। इस सीट पर मुख्य दलों के बीच सीधी टक्कर के साथ अन्य उम्मीदवारों की मौजूदगी मुकाबले को और दिलचस्प बना रही है।

77-ढकुआखाना (एसटी) विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के नोवो कुमार डोले, कांग्रेस के आनंदा नाराह, सुरजित डोले निर्दलीय तथा जुतिका डोले एसयूसीआई (सी) से चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर भी बहुकोणीय मुकाबले के संकेत मिल रहे हैं और स्थानीय मुद्दे चुनाव का केंद्र बन सकते हैं।

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्रों की जांच 24 मार्च को की जाएगी, जबकि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 26 मार्च निर्धारित की गई है। इसके पश्चात ही अंतिम रूप से यह तय होगा कि कौन-कौन से उम्मीदवार चुनावी मैदान में बने रहेंगे और कौन इस चुनावी रणभूमि में अपना भाग्य आजमाएंगे। नाम वापसी के बाद ही वास्तविक चुनावी तस्वीर साफ होगी और मुकाबले की दिशा स्पष्ट हो पाएगी।

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही सभी दलों ने प्रचार अभियान की रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। संभावित उम्मीदवार क्षेत्र में जनसंपर्क तेज कर रहे हैं, समर्थकों की बैठकों का दौर चल रहा है और चुनावी समीकरणों को साधने की कवायद शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में रैलियां, जनसभाएं और घर-घर संपर्क अभियान तेज होने की संभावना है, जिससे लखीमपुर संसदीय क्षेत्र में चुनावी माहौल और अधिक गरमाने वाला है।

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