प्रीति पारीक, शिवसागर
असम विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के नामांकन पत्र वापसी के अंतिम दिन आज 96 शिवसागर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार वापस लेने का फैसला किया है। साथ ही सीपीआई ने शिवसागर सीट से रायजोर दल के उम्मीदवार और वर्तमान विधायक अखिल गोगोई को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। आज शिवसागर शहर स्थित पार्टी के जिला कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए सीपीआई के असम राज्य परिषद के सचिव कनक गोगोई और शिवसागर सीट से पार्टी के उम्मीदवार मदन बरुआ ने यह जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि शिवसागर सीट किसी समय सीपीआई का सुरक्षित गढ़ माना जाता था। वामपंथी नेता कॉमरेड प्रमोद गोगोई शिवसागर क्षेत्र से 1972, 1978, 1991 और 1996 में चार बार विधायक निर्वाचित हुए थे।
सीपीआई नेता कनक गोगोई ने बताया कि पार्टी ने इस बार के विधानसभा चुनाव में केवल 4 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। जिनमें से शिवसागर सीट से उम्मीदवार मदन बरुआ ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया है और पार्टी ने विपक्षी एकता के लिए इस सीट पर रायजोर दल के अखिल गोगोई को समर्थन देने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अब सीपीआई समर्थक मतदाता विपक्षी गठबंधन के मजबूत उम्मीदवार अखिल गोगोई के पक्ष में वोट डालेंगे। कनक गोगोई ने कहा कि पार्टी की राज्य इकाई की कार्यकारिणी बैठक में यह फैसला लिया गया।
मदन बरुआ ने कहा कि शिवसागर के चुनावी मैदान से हटने के कई राजनैतिक कारण है। हमने कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में असम में धर्मनिरपेक्षता, लोकतांत्रिक और संविधान विरोधी ताकतों के खिलाफ चल रही लड़ाई को मजबूती प्रदान करने के लिए कुछ बातों पर विचार करना जरूरी था।
इधर रायजोर दल के नेता धैर्य कुंवर ने सीपीआई उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि रायजोर दल पार्टी ने औपचारिक रूप से अखिल गोगोई के समर्थन में सीपीआई उम्मीदवार से नामांकन वापस लेने की अपील की थी। धैर्य कुंवर ने कहा कि शिवसागर क्षेत्रीयतावाद का प्राण केंद्र है। प्रगतिशील सोच के साथ सीपीआई ने जो निर्णय लिया है, वह शिवसागर क्षेत्र के साथ ही राज्य की राजनीति के लिए अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि सीपीआई पार्टी औपचारिक रूप से विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। परंतु अखिल गोगोई जैसे विधानसभा में मुखर रहे नेता की जीत का रस्ता सुगम कर दुबारा विधानसभा भेजने में सीपीआई ने हमें सहयोग किया है। उन्होंने सत्तारूढ़ बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवसागर की जागरूक जनता के सामने सत्ताधारी पार्टी का कोई दाव नहीं चलेगा। बीजेपी ने यहां हत्या के आरोपी कुशल दुवरी को चुनाव मैदान में उतारा है। शिवसागर के मतदाता क्षेत्रीयतावादी विचारधारा से प्रेरित हैं। धैर्य कुंवर ने दावा किया कि शिवसागर की जागरूक जनता ऐसे उम्मीदवार को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
सीपीआई नेता कनक गोगोई ने कहा कि शिवसागर सीट छोड़कर राज्य की अन्य तीन सीटों क्रमशः 7 नंबर गौरीपुर सीट से शेख मंसूर रहमान, 95 डिमौ सीट से अजय बोरा और 97 नाजिरा सीट से कनक गोगोई चुनाव लड़ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि औपचारिक रूप से राज्य के कांग्रेस नीत विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं होने के बाद भी सीपीआई का शिवसागर सीट से अपनी दावेदारी वापस लेने का यह निर्णय असम विधानसभा चुनाव में विपक्षी एकता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।








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