गुवाहाटी, 29 मार्च: आज असम अभिव्यक्ति और संस्कृति परिषद का तीसरा स्थापना दिवस महानगरी के मथुरा नगर स्थित "नान्दनिक" प्रेक्षागृह में अभिव्यक्ति और संस्कृति परिषद के कामरूप महानगर जिला समिति के उद्यम में मनाया गया। सुबह अभिव्यक्ति और संस्कृति परिषद का पत्ता उठाया गया। इसके बाद दीप प्रज्वलन किया गया। सुधाकंठ डॉ० भूपेन हजारिका के स्थिरचित्र पर माल्यार्पण किया गया। परिषद के महानगर जिला सभापति मृगेन्द्र भागवती के संचालन में मूल सभा आयोजित हुई। सभा में भाषण देते हुए कवि-सांस्कृतिक दिपक शर्मा ने कहा- "इच्छा और मन होने पर सभी काम कर सकते हैं। एकाग्रता होनी चाहिए। आकाश छूने के लिए खुद को गढ़ना होगा।"
सभा में डॉ० सुलेखा चक्रवर्ती भट्टाचार्य, चंद्रप्रभा तालुकदार, विभा देव चौधरी, रत्ना रंगशेहनपी, सूर्यवृत वेका, नंदिता रॉय, जोनाली भट्टाचार्य, मीनाक्षी दास भराली, हितेश दास, उमेश चंद्र शर्मा, भवेश चंद्र दत्त, पापरी भागवती गोस्वामी, मृणाल बोरा ने असमिया कविता पाठ किया । अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया।








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