प्रीति पारीक, शिवसागर
शिवसागर जिले में दिखौ नदी पर स्थित प्रसिद्ध गेमोन ब्रिज का एक बड़ा हिस्सा शुक्रवार सुबह ढह गया। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग 37 (NH-37) पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे ऊपरी और निचले असम के बीच संपर्क टूट गया है। पुल पर मरम्मत कार्य चल रहा था। इसी दौरान आज सुबह करीब 4:30 बजे पुल के साउथर्न (दक्षिणी) हिस्से का बड़ा हिस्सा भारी मिट्टी के कटाव और संरचनात्मक कमजोरी के कारण ढह गया। घटना के समय एक भारी वाहन 12 चक्का डंपर पुल पर से गुजर रहा था। जिसके भार के कारण पुल का हिस्सा खिसककर गिर पड़ा। यह आरसीसी पुल 1963 में दशक में गेमोन इंडिया लिमिटेड द्वारा बनाया गया था। यह NH-37 पर दिखौ नदी पर स्थित है और शिवसागर को जोरहाट, डिब्रूगढ़ आदि क्षेत्रों से जोड़ता है। एक महीने पहले भी पुल के मध्य भाग में धंसाव (sinking) देखा गया था। बीते साल नवंबर 2025 में पुल पर बड़ी दरार आई थी। जिसके बाद अस्थायी मरम्मत और एकतरफा यातायात शुरू किया गया था। एनएचएआईडीसीएल के निर्देश पर मरम्मत कार्य गणपति कंस्ट्रक्शन ठेकेदार कंपनी द्वारा किया जा रहा था। घटना के तुरंत बाद दोनों ठेकेदार कंपनी की बड़ी टीम भारी मशीनरी के साथ मौके पर पहुंच गई है। शिवसागर जिले की अतिरिक्त आयुक्त एडीसी लुकुमोनी बोरा, शिवसागर सदर थाना प्रभारी बाबुल कुमार मेधी, एनएचएआईडीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी विवेक गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचे गए। इधर पुल टूटने के इस हादसे के बाद NH-37 पर यातायात पूरी तरह बंद है। अब वाहनों की आवाजाही भोटियापार से जयसागर होकर शिवसागर शहर होकर हो रही है। शिवसागर शहर के बीच से गुजरने वाले पुराने ए. टी. रोड़ पर भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से भयंकर जाम की आशंका है। वहीं जयसागर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कर ली है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अस्थायी मरम्मत में 72 घंटे से अधिक समय लग सकता है। इस दौरान यातायात बंद रहने की बात कही गई है। एनएचएआईडीसीएल अधिकारी विवेक गुप्ता ने बताया कि हल्के वाहनों के लिए 3 दिन बाद पुल खोला जा सकता है। जबकि भारी वाहनों के लिए एक सप्ताह लग सकता है। गेमोन ब्रिज पुराना होने के कारण बढ़ते ट्रैफिक, ओवरलोडिंग और उम्र के कारण कमजोर हो चुका था। एनएचएआईडीसीएल द्वारा चल रही जांजी - डिमौ फोर लेन हाईवे विस्तार परियोजना के तहत नया चार लेन पुल भी बन रहा है। जो पुराने पुल पर दबाव कम करेगा। स्थानीय लोगों में पुल की लोड बेयरिंग क्षमता और सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता थी। घटना से बड़ा दुर्घटना टल गई। लेकिन यातायात ठप होने से लोगों को परेशानी हो रही है। जिला प्रशासन ने यात्रियों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और सतर्क रहने की अपील की है। आगे की मरम्मत और नई फोर लेन विस्तार परियोजना के निर्माण कार्य पर नजर रखी जा रही है।










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