आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को ध्यान में रखते हुए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मतदान से पहले लागू होने वाले ‘साइलेंस पीरियड’ को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने साफ किया है कि मतदान समाप्ति से 48 घंटे पूर्व किसी भी प्रकार के चुनाव प्रचार, प्रसारण या सार्वजनिक अपील पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
आयोग के अनुसार जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत इस अवधि में भाषण, टीवी बहस, सोशल मीडिया पोस्ट, विज्ञापन या मतदाताओं को प्रभावित करने वाली किसी भी सामग्री का प्रसारण गैरकानूनी होगा।
असम में 9 अप्रैल को प्रस्तावित मतदान के मद्देनजर ‘साइलेंस पीरियड’ 7 अप्रैल की शाम से लागू हो जाएगा और मतदान समाप्ति तक प्रभावी रहेगा। इसी प्रकार केरल और पुडुचेरी में भी यह नियम लागू रहेगा, जबकि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में उनके चुनावी चरणों के अनुसार यह अवधि निर्धारित की जाएगी।
निर्वाचन आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने चेताया है कि किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी के पक्ष या विपक्ष में होने वाली चर्चाएं भी इस अवधि में नियमों का उल्लंघन मानी जाएंगी।
इसके साथ ही, ‘साइलेंस पीरियड’ के दौरान ओपिनियन पोल के प्रकाशन या प्रसारण पर पूरी तरह रोक रहेगी। वहीं, एग्जिट पोल 9 अप्रैल से 29 अप्रैल तक पूरे देश में प्रतिबंधित रहेंगे।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दो वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों शामिल हो सकते हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।








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