लखीमपुर से राजेश राठी और ओमप्रकाश तिवाड़ी की रिपोर्ट
लखीमपुर, आगामी 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर 76 नंबर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी क्रम में आज स्थानीय श्री श्री सीतारामजी ठाकुरवाड़ी मंदिर प्रांगण में कांग्रेस दल से उम्मीदवारी कर रहे घनो बुरागुहाई ने चैंबर ऑफ कॉमर्स, श्री श्री सीतारामजी ठाकुरवाड़ी मंदिर समिति, मारवाड़ी सम्मेलन, मारवाड़ी युवा मंच तथा मारवाड़ी युवा मंच प्रगति शाखा के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण चुनावी सभा आयोजित कर जनसमर्थन जुटाया। सभा प्रारंभ होने से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी घनो बुरागुहाई ने श्री श्री सीतारामजी ठाकुरवाड़ी मंदिर में प्राणप्रतिष्ठित भगवान श्री सीताराम जी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर नतमस्तक होकर पूजा-अर्चना की तथा चुनाव में विजय प्राप्ति का आशीर्वाद मांगा। इस आध्यात्मिक शुरुआत ने सभा को श्रद्धा और विश्वास के वातावरण से ओतप्रोत कर दिया। सभा की शुरुआत पारंपरिक असमिया आतिथ्य भाव के साथ हुई, जहां कांग्रेस प्रत्याशी घनो बुरागुहाई ने मंचासीन चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रामेश्वर तापड़िया, श्री श्री सीतारामजी ठाकुरवाड़ी मंदिर समिति के अध्यक्ष जगदीश बजाज, मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष मनोहर लखोटिया, मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल तथा मारवाड़ी युवा मंच प्रगति शाखा की अध्यक्षा कुमारी डिंपी पारीक को असमिया फूलाम गमछा पहनाकर सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह ने सभा को भावनात्मक और सौहार्दपूर्ण वातावरण प्रदान किया। सभा को संबोधित करते हुए घनो बुरागुहाई ने अपने छात्र जीवन से लेकर राजनीतिक जीवन तक मारवाड़ी समाज द्वारा मिले सहयोग को याद करते हुए कहा कि “मैं इस समाज के स्नेह और विश्वास का ऋणी हूं। आज पुनः आपके बीच आकर आशीर्वाद मांगने आया हूं ताकि लखीमपुर की जनता शांति और सुकून से जीवन यापन कर सके।” उन्होंने अपने संबोधन में वर्तमान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की नीतियों के कारण आम जनता आर्थिक संकट से जूझ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी और अन्य करों के बोझ ने छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है, जिससे कई व्यवसायियों को दुकानें बंद करने तक की नौबत आ गई है। उन्होंने कहा कि “जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, लोगों के हाथों में पैसा नहीं आ रहा, बल्कि करों के माध्यम से आम जनता का खून चूसा जा रहा है। छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारी सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।” उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में व्यापारियों को सुरक्षित माहौल मिला था और आम जनता सुकून से जीवन व्यतीत कर रही थी। लेकिन वर्तमान समय में सामाजिक उन्नयन ठप पड़ गया है और आर्थिक स्थिति संकट में है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार दोबारा सत्ता में आई तो छात्र, युवा और व्यापारी वर्ग पर और अधिक संकट गहराएगा। अपने विधायक कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए घनो बुरागुहाई ने कहा कि उन्होंने शहर ही नहीं बल्कि लीलाबाड़ी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्ट्रीट लाइट लगवाईं। उन्होंने कहा कि उस समय आधुनिक तकनीक और संसाधनों की कमी के बावजूद उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप विकास कार्य किए गए। मेडिकल कॉलेज मुद्दे पर उन्होंने कहा कि लखीमपुर में मेडिकल कॉलेज बनाना उनका सपना था, जिसकी आधारशिला उनके कार्यकाल में रखी गई थी और लगभग 1200 युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने कुछ नौकरियां तो दीं, लेकिन स्थानीय लखीमपुर और धेमाजी के युवाओं को प्राथमिकता नहीं दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को डिब्रूगढ़ या गुवाहाटी रेफर करना आम बात बन गई है। उन्होंने लखीमपुर वेटरनरी कॉलेज को कांग्रेस सरकार की देन बताते हुए कहा कि इस संस्थान से कई स्थानीय छात्र डॉक्टर बने हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि शहर के डेली मार्केट भवन का निर्माण उनके कार्यकाल में हुआ, जिसमें पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसका लाभ आज सैकड़ों वाहन चालक उठा रहे हैं। घनो बुरागुहाई ने रोदोला पुखरी के जीर्णोद्धार, जर्जर काठ के पुलों को आरसीसी में बदलने जैसे कार्यों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि कई परियोजनाओं का श्रेय वर्तमान सरकार ले रही है, जबकि उनकी शुरुआत पहले ही हो चुकी थी। उन्होंने वर्तमान विधायक मानव डेका पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व विकास कार्य करना होता है, लेकिन इसके लिए अहंकार करना उचित नहीं है। उन्होंने विधायक मानव डेका पर कई योजनाओं के अंतर्गत किए गए कार्य की लागत पर सवाल उठाते हुए कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और कहा कि “जनता स्वयं आकलन कर रही है कि खर्च और कार्य में कितना अंतर है।” घनो बुरागुहाई ने दावा किया कि वर्तमान विधायक द्वारा पांच वर्षों में 3000 करोड़ रुपये की स्वीकृति का दावा किया गया है, लेकिन उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि चुनाव से पहले जनता को बताया जाए कि यह राशि किन योजनाओं में खर्च हुई। उन्होंने कहा कि “अगर भ्रष्टाचार नहीं हुआ है तो 3000 करोड़ रुपये का पूरा हिसाब जनता के सामने क्यों नहीं रखा जाता?” सभा में उन्होंने बढ़ते ड्रग्स और जुए की समस्या पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी इसकी चपेट में आ रही है और इस पर रोक लगाने में वर्तमान नेतृत्व विफल रहा है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि 9 अप्रैल को हाथ के निशान पर मतदान कर कांग्रेस को मजबूत बनाएं और गौरव गोगोई को मुख्यमंत्री बनाने का अवसर दें, ताकि लखीमपुर में विकास, शांति और व्यापारिक माहौल फिर से स्थापित किया जा सके। सभा का समापन जन समर्थन के साथ हुआ। राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले तथा लखीमपुर के जागरूक लोगो के अनुसार इस बार 76 नंबर लखीमपुर विधानसभा क्षेत्र के ज्यादातर मतदाता ऐसे भी है जो मोन धारण कर शांति से चुनावी माहोल का आंकलन कर रहे है, लेकिन वह प्रत्यक चुनावी वर्ष के भांति इस चुनावी वर्ष में किसी भी दल का खुल कर समर्थन करने से कतरा रहे है जिससे इस बार 76 नंबर लखीमपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी मुकाबला और अधिक रोमांचक होने के संकेत मिल रहे हैं।








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