पूर्वोत्तर में गुवाहाटी के हेल्थ सिटी हॉस्पिटल की बड़ी उपलब्धि, पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी टीम ने पहली बार बिना निशान वाला फोंटान प्रोसीजर किया सफलता पूर्वक - Rise Plus

NEWS

Rise Plus

असम का सबसे सक्रिय हिंदी डिजिटल मीडिया


Post Top Ad

पूर्वोत्तर में गुवाहाटी के हेल्थ सिटी हॉस्पिटल की बड़ी उपलब्धि, पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी टीम ने पहली बार बिना निशान वाला फोंटान प्रोसीजर किया सफलता पूर्वक



गुवाहाटी, पूर्वोत्तर भारत में बच्चों के दिल के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए, खानापाड़ा स्थित हेल्थ सिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक 8 वर्षीय बच्ची का पहला बिना निशान वाला जटिल फोंटान प्रोसीजर (यानी, दिल की जटिल बीमारी की सर्जरी) सफलतापूर्वक किया गया। इसके लिए चिकित्सकों की टीम ने ट्रांसकैथेटर इंटरवेंशनल तकनीक का इस्तेमाल किया। यह दुर्लभ और जटिल प्रोसीजर जानी-मानी सीनियर पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सौरभी दास ने डॉ. अमिताभ चट्टोपाध्याय और डॉ. जयिता नंदी दास के मार्गदर्शन में किया। ये दोनों चिकित्सक कोलकाता से आई विशेषज्ञ टीम का हिस्सा थे। कार्डियक एनेस्थीसिया (बेहोशी) में सहायता डॉ. कंकन शर्मा और डॉ. नरेंद्र शर्मा ने दी।

यह पूर्वोत्तर भारत में सफलतापूर्वक किया गया पहला ट्रांसकैथेटर इंटरवेंशनल फोंटान प्रोसीजर है, जो इस क्षेत्र में बच्चों के दिल के इलाज के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है। फोंटान प्रोसीजर उन बच्चों पर किया जाता है जो ‘सिंगल-वेंट्रिकल फिजियोलॉजी’ (एक वेंट्रिकल वाला दिल) के साथ जन्म लेते हैं। यह दिल का एक जन्मजात रोग है, जिसमें दिल में सामान्य दो पंपिंग चैंबर के बजाय केवल एक ही काम करने वाला पंपिंग चैंबर होता है। पारंपरिक रूप से, ऐसे मामलों में ‘ओपन-हार्ट सर्जरी’ (दिल खोलकर की जाने वाली सर्जरी) की जरूरत पड़ती थी, जिसमें एक बड़ी सर्जरी करनी पड़ती है और जो पूर्वोत्तर में आमतौर पर नहीं की जाती।

हालांकि, नई अपनाई गई ट्रांसकैथेटर तकनीक से यह प्रोसीजर बिना छाती खोले किया जा सकता है, जिससे मरीज जल्दी ठीक होता है और सर्जरी से होने वाला शारीरिक आघात भी कम से कम होता है।

इस उपलब्धि के संदर्भ में हेल्थ सिटी हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. सौरभी दास ने कहा कि इस प्रोसीजर की सफलता यह साबित करती है कि अब बच्चों के दिल से जुड़े अत्यंत जटिल प्रोसीजर पूर्वोत्तर के भीतर ही किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, उन्नत तकनीक और विशेषज्ञता की उपलब्धता के साथ, जन्मजात दिल की बीमारियों से पीड़ित बच्चों को अब इलाज के लिए बड़े शहरों (मेट्रो सिटीज) में जाने की जरूरत नहीं है। अब गुवाहाटी में ही जांच और इलाज से जुड़े कई तरह के प्रोसीजर उपलब्ध हैं, जो किफायती भी है।

डॉ. सौरभ दास ने आगे कहा कि यह सब हेल्थ सिटी हॉस्पिटल प्रबंधन तथा डॉ. भाबा नंदा दास के प्रोत्साहन के कारण संभव हो पाया। डॉ. भाबा नंदा दास एक अत्यंत अनुभवी कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जन हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में 37 वर्षों की शानदार विशेषज्ञता हासिल है। पिछले तीन वर्षों में, हेल्थ सिटी हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी और कार्डियक सर्जरी विभागों ने कई जटिल प्रोसीजर किए हैं। इनमें इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी उपचार और ओपन-हार्ट सर्जरी, दोनों शामिल हैं, जिनके जरिए जन्मजात दिल की बीमारियों से पीड़ित बच्चों को उन्नत स्तर का इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पताल की पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी टीम ने सर्जिकल और मिनिमली इनवेसिव, दोनों तरह की प्रक्रियाओं का उपयोग करके हृदय दोषों से पीड़ित सैकड़ों बच्चों का इलाज पहले ही कर दिया है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नियमित रूप से WhatsApp पर हमारी खबर प्राप्त करने के लिए दिए गए 'SUBSCRIBE' बटन पर क्लिक करें