असमिया नव वर्ष पर रंगघर परिसर हुआ उत्सवमय - Rise Plus

NEWS

Rise Plus

असम का सबसे सक्रिय हिंदी डिजिटल मीडिया


Post Top Ad

असमिया नव वर्ष पर रंगघर परिसर हुआ उत्सवमय




शिवसागर से पवन अग्रवाल


असमिया नव वर्ष यानी पहले बहाग के अवसर पर ऐतिहासिक रंगघर का परिसर पूरी तरह उत्सवमय और जीवंत हो उठा। वर्ष 1746 ईस्वी में स्वर्गदेव प्रमत्त सिंह द्वारा निर्मित रंगघर, अहोम काल से ही सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक रहा है। स्वर्गदेव रुद्र सिंह के शासनकाल में बिहू को रंगघर परिसर में लाकर राजकीय दर्जा प्रदान किया गया था।

इसी ऐतिहासिक स्थल पर बुधवार को असमिया नव वर्ष पहला बहाग के दिन "बृहत्तर रंगपुर रंगाली बिहू उत्सव समिति" के तत्वावधान में अठारहवां बृहत्तर रंगपुर रंगाली बिहू भव्य कार्यक्रमों के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम के दौरान युवक-युवतियों ने पारंपरिक बिहू गीतों की धुन पर कंठ मिलाकर नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण आनंदमय हो उठा।

सुबह कार्यक्रम की शुरुआत आटासू के केंद्रीय अध्यक्ष बसंत गोगोई द्वारा दीप प्रज्वलन और ध्वजारोहण के साथ हुई। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गड़गांव महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सब्यसाची महंत ने किया।

इस अवसर पर चराईदेव हुसोरी दल, निमाईजान और बकता सहित कई हुसोरी दलों ने अपनी प्रस्तुति देकर माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

वहीं, रंगाली बिहू के दौरान प्रतीकात्मक स्वर्गदेव के रूप में अभिजीत गोगोई उपस्थित रहे। उन्हें पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ हाथी पर सवार कर तलातल घर परिसर से रंगघर तक भव्य सांस्कृतिक शोभायात्रा के माध्यम से स्वागत किया गया।

इसके अलावा, रंगाली बिहू के उपलक्ष्य में जयज्योति गोगोई और प्रदीप गोगोई के संपादन में प्रकाशित स्मारिका “रंगघरर रणशिंगा” का भी लोकार्पण किया गया।

इस प्रकार, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संगम के रूप में रंगघर परिसर में मनाया गया यह बिहू उत्सव लोगों के लिए अविस्मरणीय बन गया।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नियमित रूप से WhatsApp पर हमारी खबर प्राप्त करने के लिए दिए गए 'SUBSCRIBE' बटन पर क्लिक करें