रमेश मुन्दड़ा
होजाई, दिव्यांग विक्रम छावछारीया ने लोकतंत्र के महापर्व में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। मतदान करने के बाद उन्होंने अपनी खुशी जाहिर की और इशारों में बताया कि यह अनुभव उन्हें बहुत अच्छा लगा। विक्रम ने अपने मताधिकार का उपयोग करते हुए कहा, "मतदान करने के बाद मन प्रसन्न है।" उनकी यह भागीदारी समाज के हर वर्ग के लोकतांत्रिक उत्सव में शामिल होने की मिसाल हैं। चुनावी प्रक्रिया में दिव्यांगजनों की सक्रियता लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।स्थानीय लोगों ने विक्रम की सराहना की और मतदाता जागरूकता अभियान को नई ऊर्जा मिली।








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