ओमप्रकाश तिवारी और राजेश राठी की संयुक्त रिपोर्ट
पूर्वोत्तर के प्रमुख समाचार संस्थान असमिया प्रतिदिन के लखीमपुर स्थित कार्यालय में बीती रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां कुछ असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, देर रात कुछ अज्ञात लोगों ने अंधेरे का सहारा लेकर आक्रामक रूप से पत्थरों की बौछार कर कार्यालय के खिड़की, कार्यालय में स्थित अलमारी और टेबल के शीशे भी तोड़े।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने मीडिया संस्थानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकार संगठनों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लखीमपुर जिला प्रेस क्लब, लखीमपुर जिला संवादिक संस्था, जनरलिस्ट फेडरेशन, प्रेस गिल आदि मीडिया से जुड़े जिले के सभी संगठनों एवं सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है भारतीय संविधान के इस चतुर्थ स्तंभ पर इस तरह किए जा रहे आक्रमण की घटना के प्रति संगठनों ने दुख व्यक्त किया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। संस्थाओं ने इस घटना में शामिल आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग प्रशासन से की है। साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।
असम पत्रकार संघ की सख्त प्रतिक्रिया, असम पत्रकार संघ ने असमिया प्रतिदिन कार्यालय के लखीमपुर स्थित कार्यालय पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए संघ के अध्यक्ष मधुसूदन मेधी और महासचिव अंजन कुमार शर्मा ने अपने बयान में कहा कि यह घटना लोकतंत्र पर सीधा हमला है। यह केवल एक समाचार पत्र के कार्यालय पर हमला नहीं, बल्कि पूरे मीडिया जगत पर हमला है। एक लोकतांत्रिक देश में इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आघात बताया गया है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना और नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखना पुलिस-प्रशासन की जिम्मेदारी है। संघ ने राज्य के मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक से मांग की है कि हमले में शामिल दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।








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