गुवाहाटी, समाज सेवा और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र 'असम धर्मशाला' के आगामी तीन वर्षीय कार्यकाल (सत्र 2026-2029) के लिए नई कार्यकारिणी का विधिवत गठन शुरू हो गया है। संस्था की महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से सुशील गोयल को अध्यक्ष चुना गया, वहीं उनकी अनुभवी कार्यशैली और निष्ठा को देखते हुए अध्यक्ष ने शंकर बिड़ला को पुनः सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नवनियुक्त अध्यक्ष सुशील गोयल और सचिव शंकर बिड़ला ने पदभार ग्रहण करते ही समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने आह्वान किया कि आगामी 2 से 3 दिनों के भीतर पूरी टीम का विस्तार कर लिया जाएगा, जिसमें ऊर्जावान और सेवाभावी सदस्यों को शामिल किया जाएगा ताकि संस्था के उद्देश्यों को गति दी जा सके।
विज्ञप्ति में विशेष रूप से उल्लेख किया गया कि असम धर्मशाला का मुख्य ध्येय सेवा है। इसी कड़ी में वर्ष 2000 से निरंतर, बिहार के हरखाड़ (गुढियारी) में सावन के पवित्र महीने में नि:शुल्क सेवा शिविर आयोजित किया जाता है। सुल्तानगंज से जल भरकर देवघर जाने वाले लाखों पैदल कांवड़ियों के लिए यह शिविर विश्राम, नींबू चाय, नींबू पानी चिकित्सा, मालिश सेवा का एक बड़ा सहारा बनता आ रहा है। नए नेतृत्व ने संकल्प लिया है कि इस वर्ष भी इस परंपरा को और अधिक भव्य और सुविधायुक्त बनाया जाएगा।
असम धर्मशाला के सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया है कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष के मार्गदर्शन और शंकर बिड़ला के संगठनात्मक अनुभव से यह तीन वर्षीय कार्यकाल (2026-2029) संस्था के इतिहास में 'सेवा और संस्कार' का नया अध्याय लिखेगा।
समाज के गणमान्य नागरिकों और संस्था के शुभचिंतकों ने नई जोड़ी को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए उनके यशस्वी कार्यकाल की मंगल कामना की है।








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