सेठ सांवरिया के दरबार में विधायक विजय गुप्ता ने लगाई हाजरी
गुवाहाटी, सेठ सांवरिया सत्संग समिति के तत्वावधान में आठगांव स्थित श्री गौहाटी गौशाला के वृंदावन गार्डन प्रांगण में चल रहे आठ दिवसीय नानी बाई रो मायरो संग भक्तमाल कथा के पांचवे दिवस व्यासपीठ पर विराजमान मुख्य कथा वाचक गौरव व्यास ने कथा को आगे बढ़ाते हुए भक्त शिरोमणि मीरा बाई एवं उनके आराध्य गिरधर गोपाल का अत्यंत भावपूर्ण प्रसंग श्रवण कराया गया।
महाराज ने मीरा बाई की अटूट भक्ति, समर्पण और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनके दिव्य प्रेम का सुंदर वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा में बताया गया कि किस प्रकार राजमहलों की वैभवपूर्ण जिंदगी त्यागकर मीरा बाई ने स्वयं को पूर्णतः गिरधर गोपाल की भक्ति में समर्पित कर दिया। संसार के विरोध, कष्ट और अनेक परीक्षाओं के बावजूद मीरा बाई का विश्वास कभी नहीं डगमगाया। उनके लिए गिरधर गोपाल ही जीवन, प्रेम और परम सत्य थे।
कथा वाचक ने ग्रंथ के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि सच्ची भक्ति में अहंकार, भेदभाव और सांसारिक मोह का कोई स्थान नहीं होता। मीरा बाई ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि जो भक्त निष्काम भाव से प्रभु का स्मरण करता है, भगवान स्वयं उसकी रक्षा करते हैं। ‘मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई’ जैसे भजनों के गायन से पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लेते हुए जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
आयोजन समिति सुरेंद्र लाठ ने बताया कि वृहस्पतिवार को सेठ सांवरिया के दरबार में मध्य गुवाहाटी से विधायक विजय गुप्ता ने भी हाजरी लगाई। कथा के पंचम दिवस समिति के सदस्य रेनु-संतोष चौधरी, चंदा-कन्हैयालाल पृथानी, दीपाली-राजेश हंसारिया, नीतु-समीत सराफ व शालु-नरेश अग्रवाल द्वारा कराई गई। पुरुषोत्तममास के अवसर पर सेठ सांवरियां सत्संग समिति द्वारा आयोजित नानी बाई रो मायरो संग भक्तमाल कथा का आयोजन रोजाना अपराह्न 2.30 बजे से शाम 6 बजे तक गौशला के वृंदावन गार्डन में किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सभी सदस्यों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।








कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें