सत्रिया नृत्य (माट्टि आखरा) एवं अभिनय प्रशिक्षण में 60 प्रतिभागी ले रहे हैं भाग
रोहा, असम सरकार के सांस्कृतिक परिक्रमा विभाग के सौजन्य से राज्यभर में आयोजित विधानसभा स्तरीय ग्रीष्मकालीन कार्यशालाओं की श्रृंखला में रोहा के मजलिया विद्यालय परिसर में 15 दिवसीय 'माट्टि आखरा' (सत्रिया नृत्य) एवं अभिनय कार्यशाला का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का आयोजन सांस्कृतिक परिक्रमा विभाग के तत्वावधान, रोहा सहजिला एवं नौगांव प्रशासन के सहयोग तथा अकनिर कविता घर, असम केंद्रीय समिति (रोहा) के संचालन में किया जा रहा है।
कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में रोहा सहजिला के सह आयुक्त एवं कार्यशाला समिति के अध्यक्ष प्रीयम फुकन ने प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग तथा डॉ. भूपेन हजारिका के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया और कार्यशाला का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर अकनिर कविता घर के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने संस्था का स्थायी गीत "उदुली मुदुली अकनिर कविता घर" प्रस्तुत किया। इसके साथ ही डॉ. भूपेन हजारिका का कालजयी गीत "बुकू हम हम करे" तथा लक्षना सईकिया द्वारा प्रस्तुत सत्रिया नृत्य ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अकनिर कविता घर के प्रधान सचिव रंटु मुदै के संचालन में आयोजित कार्यक्रम के बाद आमंत्रित प्रशिक्षक खपोन ज्योति डेका एवं भार्गवी मेधी ने विभिन्न क्षेत्रों से आए 60 बच्चों, किशोर-किशोरियों एवं युवाओं को सत्रिया नृत्य (माट्टि आखरा) तथा अभिनय का प्रशिक्षण देना प्रारंभ किया।
उद्घाटन समारोह में रोहा हायर सेकेंडरी विद्यालय के पूर्व प्राचार्य कमल चंद्र शर्मा, रोहा महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य द्विप्ती देवी शर्मा, पूर्व प्रवक्ता जतींद्र कुमार पारै, मजलिया विद्यालय की प्रधानाध्यापिका जुरि बरुवा, अकनिर कविता घर के सलाहकार महेश्वर दास, शिल्पी विमल डेका, रोहा आजायुछाप के सलाहकार हरि प्रसाद राजखोवा, समाजसेवी मृदुल हाजरिका, सह सचिव रितु दास, प्रचार सचिव सोयल खेतान, शिक्षिकाएं सावित्री सईकिया दास, रिपुंजय मेधी सहित संस्था के पदाधिकारी, विद्यार्थी एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
यह कार्यशाला आगामी 15 दिनों तक संचालित होगी, जिसमें प्रतिभागियों को सत्रिया नृत्य और अभिनय की बारीकियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।








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