सोयल खेतान, रोहा
24 घंटे तक निरंतर छह शास्त्रीय नृत्य कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कर रोहा की बेटी तुष्टीमना नाथ ने बढ़ाया गौरव।
रोहा के मेटेका निवासी मानिक चंद्र नाथ और रंजना नाथ की सुकन्या तथा अकनिर कविता घर, असम केंद्रीय समिति एवं रोहा संगीत कानन में चार वर्षों तक भरतनाट्यम की शिक्षा प्राप्त करने वाली तुष्टीमना नाथ ने अपना नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कर समस्त असम सहित रोहा का गौरव बढ़ाया है, जिससे खुशी की लहर व्याप्त है।
तुष्टीमना नाथ ने रविवार को प्रातः 8 बजे से भारत के छह शास्त्रीय नृत्य—क्रमशः भरतनाट्यम, कथक, सत्रिया, ओडिसी, कुचिपुड़ी एवं मोहिनीयाट्टम—की प्रस्तुति शुरू की और 24 घंटे तक निरंतर नृत्य कर आज प्रातः 8 बजे इसका समापन करते हुए अपनी उपलब्धि पूरी की। इसके बाद समूचा क्षेत्र तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
रोहा क्रीड़ा संघ प्रेक्षागृह में आज प्रातः 9 बजे एकेजी के प्रधान सचिव रंटु मुदै के संचालन में आयोजित समापन समारोह में प्रेक्षक के रूप में उपस्थित गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एशिया प्रमुख मनीष विश्नोई ने तुष्टीमना नाथ को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रशस्ति-पत्र एवं पदक प्रदान किया। मनीष विश्नोई ने तुष्टीमना नाथ की इस उपलब्धि की भरपूर प्रशंसा की तथा उपस्थित लोगों ने तुष्टीमना नाथ को फुलाम गमछा उढ़ाकर अभिनंदन किया।
समापन समारोह में एकेजी केंद्रीय समिति, रोहा के प्रधान संचालक, शिल्पी पेंशनर, शिशुप्रीय अवनी कुमार सैकिया, शिक्षिका स्वर्णलता भुइयां, सयनीका डेका, पत्रकार दीपक दास, सोयल खेतान, संजीव दास, नवज्योति भुइयां, रोहा पतंजलि योग समिति के प्रतिनिधि सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।









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