‘बुद्धिद्रुम’ स्मारिका का विमोचन, छात्र हित, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व पर वक्ताओं ने रखे विचार
लखीमपुर से राजेश राठी और ओमप्रकाश तिवाड़ी की संयुक्त रिपोर्ट
लखीमपुर, अखिल लखीमपुर जिला छात्र संघ (आसू) की ओर से रविवार को नॉर्थ लखीमपुर विश्वविद्यालय के सभागार में एक भव्य एवं गरिमामय विशेष अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया।शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने तथा समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित इस समारोह में जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल लखीमपुर जिला छात्र संघ के अध्यक्ष क्षीरोद दुवरा ने की, जबकि समारोह का उद्घाटन आसू के सह-सचिव सीमांत नेओग ने किया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत सफलता का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण का सबसे प्रभावी आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, मेहनत और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भविष्य का नेतृत्व करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला छात्र संघ के महासचिव पुनमज्योति बुढ़ागोहाईं ने स्वागत भाषण देते हुए समारोह के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान करना केवल उनकी उपलब्धियों को स्वीकार करना नहीं, बल्कि अन्य छात्रों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने का एक सार्थक प्रयास है। समारोह के मुख्य अतिथि अखिल असम छात्र संघ (आसू) के महासचिव समीरन फुकन ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को शिक्षा, चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आसू हमेशा से छात्र हितों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समाज के समग्र विकास के लिए कार्य करता आया है तथा भविष्य में भी विद्यार्थियों के अधिकारों और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए संगठन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित लखीमपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गुणेंद्र डेका ने विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच के साथ अपने जीवन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के 300 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए प्रमाण-पत्र, स्मृति-चिह्न, पौधे तथा बुक चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में विशेष उत्साह एवं गौरव का वातावरण देखने को मिला। समारोह के दौरान आसू की स्मारिका ‘बुद्धिद्रुम’ का विधिवत विमोचन नॉर्थ लखीमपुर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. विमान चेतिया ने किया। उन्होंने स्मारिका की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रकाशन विद्यार्थियों की बौद्धिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करते हैं तथा साहित्य, संस्कृति और समाज के प्रति उनकी समझ को समृद्ध बनाते हैं। कार्यक्रम में आटासा के केंद्रीय महासचिव सुनील तिर्की, आसू के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य कृष्णज्योति हजारिका, डिब्रूगढ़ जिला छात्र संघ के अध्यक्ष रूपज्योति बरठाकुर, धेमाजी जिला छात्र संघ के महासचिव जयंत बरगोहाईं, टीएमपीके के जिला अध्यक्ष विजित पायेंग सहित विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं छात्र संगठनों के अनेक पदाधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना तथा समाज में शिक्षा, जागरूकता और सकारात्मक मूल्यों को बढ़ावा देने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।यह आयोजन न केवल मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान का अवसर बना, बल्कि शिक्षा, सामाजिक उत्तरदायित्व और युवा नेतृत्व के महत्व को रेखांकित करने वाला एक प्रेरणादायी मंच भी सिद्ध हुआ।








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