सिंचाई, कृषि, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना पर विशेष जोर; भूमि संरक्षण नीति को बताया ऐतिहासिक कदम
लखीमपुर से राजेश राठी और ओमप्रकाश तिवाड़ी की संयुक्त रिपोर्ट
लखीमपुर, असम सरकार के हालिया बजट को जनहित, विकास और समावेशी प्रगति का रोडमैप बताते हुए भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को नॉर्थ लखीमपुर प्रेस क्लब में एक प्रेसवार्ता आयोजित की। प्रेसवार्ता में बिहपुरिया के विधायक भूपेन बोरा तथा रंगानदी के विधायक ऋषिराज हजारिका ने बजट के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के नेतृत्व में वित्त मंत्री जयंत मल्ल बरुआ द्वारा प्रस्तुत यह बजट आगामी पांच वर्षों में असम के सर्वांगीण विकास की मजबूत आधारशिला साबित होगा।प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए विधायक भूपेन बोरा ने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट पूरी तरह जनमुखी, विकासोन्मुख और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिससे प्रदेश के प्रत्येक वर्ग को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, उर्वरक उपलब्धता तथा कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का लक्ष्य किसानों को अधिक उत्पादन और बेहतर आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर विधायक बोरा ने कहा कि राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में प्रत्येक उप-स्वास्थ्य केंद्र (सब-सेंटर) में एक-एक चिकित्सक की नियुक्ति करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे गांवों में रहने वाले लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी और उन्हें उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि अगस्त माह से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन शुरू किया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में दो लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे शिक्षित बेरोजगार युवाओं को व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। भूमि संरक्षण के विषय पर विधायक भूपेन बोरा ने कहा कि सरकार ने राज्य की भूमि और अस्मिता की सुरक्षा के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी नीति बनाई है। इस नीति के माध्यम से भविष्य में बाहरी लोगों द्वारा असम में भूमि खरीद पर आवश्यक नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे राज्य के मूल निवासियों के हितों की रक्षा हो सकेगी। बिहपुरिया विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि माधवदेव विश्वविद्यालय के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में 16 पक्के पुलों का निर्माण, लगभग 200 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन तथा बाढ़ एवं कटाव रोकने के लिए 80 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं पर कार्य प्रारंभ किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन, शिक्षा, व्यापार और बाढ़ से राहत के क्षेत्र में व्यापक लाभ मिलेगा। इस अवसर पर रंगानदी विधानसभा क्षेत्र के विधायक ऋषिराज हजारिका ने भी राज्य सरकार के बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट विकास को गति देने वाला और आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाला है। उन्होंने विशेष रूप से रंगानदी क्षेत्र में एनईईपीसीओ (NEEPCO) परियोजना के कारण उत्पन्न होने वाली बाढ़ की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इस गंभीर मुद्दे के समाधान के लिए भी आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस दिशा में स्थायी समाधान निकाला जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बार-बार आने वाली बाढ़ से राहत मिल सके।प्रेसवार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल विकास योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट असम को आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत विकास के नए दौर में प्रवेश दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रेसवार्ता में भाजपा लखीमपुर जिला अध्यक्ष श्यामल शर्मा, जिला महासचिव जीतन दत्ता, शांतनु बुढ़ागोहाईं, प्रशांत गोगोई सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में पत्रकारों के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए नेताओं ने सरकार की विकास योजनाओं और बजट प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी।








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