मनरेगा में 5.61 लाख रुपये के कथित घोटाले की खबर प्रकाशित करने के बाद कार्रवाई का आरोप, बिना शर्त रिहाई और निष्पक्ष जांच की मांग
लखीमपुर से राजेश राठी और ओमप्रकाश तिवाड़ी की संयुक्त रिपोर्ट
लखीमपुर, लखीमपुर जिला पत्रकार संघ ने असमिया प्रतिदिन के नाओबैचा क्षेत्र के पत्रकार अंजन उपाध्याय की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता पर गंभीर प्रहार बताया है। संघ ने आरोप लगाया कि पत्रकार को एक कथित भ्रष्टाचार मामले का समाचार प्रकाशित करने के बाद षड्यंत्रपूर्वक निशाना बनाया गया। बुधवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में संघ के अध्यक्ष कुमुद बरुवा तथा महासचिव जगत बोरा ने कहा कि 7 जुलाई की रात लालुक पुलिस ने बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ पत्रकार अंजन उपाध्याय के आवास पर पहुंचकर उन्हें एक गंभीर अपराधी की तरह गिरफ्तार किया। संगठन ने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पत्रकार अंजन उपाध्याय ने गत 19 जून को रंगानदी विकास खंड के अंतर्गत फूलबाड़ी ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्यों में कथित 5.61 लाख रुपये के भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित एक तथ्यपरक समाचार प्रकाशित किया था। पत्रकार संघ का आरोप है कि इस समाचार के प्रकाशित होने के बाद वास्तविक तथ्यों को दबाने के उद्देश्य से पत्रकार के विरुद्ध लालुक थाने में एक कथित झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई गई तथा तत्परता दिखाते हुए गैर-जमानती धाराएं लगाकर रातोंरात उनकी गिरफ्तारी कर ली गई। संघ ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य करने वाले एक जिम्मेदार पत्रकार को केवल भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को उजागर करने के कारण इस प्रकार निशाना बनाया जाना वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। संगठन का मानना है कि पत्रकारों को इस प्रकार प्रताड़ित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने का प्रयास है। लखीमपुर जिला पत्रकार संघ ने प्रशासन से मांग की है कि पत्रकार अंजन उपाध्याय को बिना किसी शर्त के सम्मानपूर्वक तत्काल रिहा किया जाए। उनके विरुद्ध दर्ज सभी कथित झूठे एवं उद्देश्यपूर्ण मामलों को वापस लिया जाए तथा फूलबाड़ी ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कथित 5.61 लाख रुपये के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रश्न पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि पत्रकार अंजन उपाध्याय को शीघ्र रिहा नहीं किया गया, तो लखीमपुर जिला पत्रकार संघ पूरे जिले में व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। इस बीच, नॉर्थ लखीमपुर प्रेस क्लब, बांदरदेवा प्रेस क्लब, बोगीनदी प्रेस क्लब, प्रेस गिल्ड ढकुआखाना तथा नाऊबसीया प्रेस क्लब ने भी संयुक्त रूप से पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसकी तीव्र निंदा की है तथा पत्रकारों की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।








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