सोयल खेतान, रोहा
पेंसिल के जरिए अंकित किए सुधाकंठ, हार्टथ्रुब सहित कई चित्र।
मन में कुछ करने की चाह और लगन हो तो असंभव को भी संभव किया जा सकता है। इसे चरितार्थ किया है रोहा के हारियामुख निवासी अनुकूल और धरित्री मुदै की पुत्री विष्टीश्री मुदै ने। नौगांव एडीपी कॉलेज के बीएससी तृतीय सेमेस्टर की मेधावी छात्रा विष्टीश्री मुदै पढ़ाई-लिखाई के साथ चित्रकला के क्षेत्र में भी समान रूप से आगे बढ़ रही हैं।
विष्टीश्री मुदै ने पेंसिल के जरिए राधा-कृष्ण, प्राकृतिक दृश्य, सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका, हार्टथ्रुब जुबिन गर्ग, अपने माता-पिता, एकेजी के प्रधान संचालक शिशुप्रीय अवनि कुमार सईकीया, प्रधान सचिव रंटु मुदै सहित कई चित्र अंकित किए हैं। विष्टीश्री किसी भी व्यक्ति को सामने खड़ा कर उसका हूबहू चित्र अंकित कर सकती हैं।
विष्टीश्री मुदै ने पत्रकार सोयल खेतान के साथ हुई साक्षात्कार के दौरान बताया कि वह बचपन से ही व्यक्तिक्रम धर्मी शिशु अनुष्ठान अकनिर कविता घर, असम केंद्रीय समिति, रोहा की हारियामुख शाखा चित्रकला कानन की कक्षा में जाती थीं और कविता घर के प्रधान संचालक, शिशुप्रीय चित्रशिल्पी अवनि कुमार सईकीया से चित्रांकन का प्रशिक्षण लेकर इस मुकाम तक पहुँची हैं। उन्होंने बताया कि वह चित्रकला में मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री लेने तथा विभिन्न चित्रांकन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर प्रथम स्थान प्राप्त कर गौरव बढ़ाने में सक्षम हुई हैं।
विष्टीश्री की इस उपलब्धि से उनके माता-पिता काफी खुश हैं। उन्होंने विष्टीश्री की इस उपलब्धि के लिए कविता घर और चित्रशिल्पी अवनि कुमार सईकीया का तहेदिल से धन्यवाद दिया है।








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