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भूपेन हजारिका जन्म शताब्दी वर्ष पर तीन दिवसीय संगीत कार्यशाला संपन्न



गुवाहाटी: भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर न्यू आर्ट प्लेयर्स की पहल और भूपेन हजारिका सांस्कृतिक न्यास के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय भूपेन संगीत कार्यशाला का आज समापन हो गया।


24 से 26 जुलाई तक आयोजित इस विशेष कार्यशाला में 18 वर्ष से अधिक आयु के 28 प्रतिभागियों ने भाग लेकर भूपेन संगीत की बारीकियों को सीखा। इस दौरान असम के बहुचर्चित संगीत निर्देशक डॉ. सौरभ महंत, गायिका नमिता भट्टाचार्य गोस्वामी और रूपम भुइयां ने बतौर विशेषज्ञ उपस्थित रहकर प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन किया।


कार्यशाला के उद्घाटन समारोह की शुरुआत में वरिष्ठ पत्रकार एवं न्यास के मुख्य सलाहकार गौतम शर्मा ने अपने संबोधन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वहीं, न्यास की सचिव मंजुला हजारिका और न्यू आर्ट प्लेयर्स के अध्यक्ष अजय दत्त ने महान संगीत साधक डॉ. भूपेन हजारिका के साथ संस्था के आत्मीय संबंधों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।


नयन प्रसाद के संचालन में आयोजित समापन समारोह में न्यू आर्ट प्लेयर्स के अध्यक्ष अजय दत्त, उपाध्यक्ष मल्लिका बरुआ, पुलक गोस्वामी, सचिव रथीन भट्टाचार्य और कोषाध्यक्ष कल्याण दास के अलावा न्यास के पदाधिकारी डॉ. आई. हजारिका, मनीषा हजारिका, नूरुद्दीन अहमद, स्निग्धशिखा बोरा, जॉली लस्कर, इंद्रजीत दास, वैशाली राजकाकोती, रणदीप सिंह और हिमांशु 6.1 सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


समापन कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने कार्यशाला के दौरान सीखे गए गीतों की मनमोहक संगीतमय प्रस्तुति दी, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों को औपचारिक प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।


इसी श्रृंखला में डॉ. भूपेन हजारिका के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ऑस्ट्रेलिया के आर्मिंगटन कम्युनिटी सेंटर में 'असम एसोसिएशन, ऑस्ट्रेलिया' के तत्वावधान और भूपेन हजारिका सांस्कृतिक न्यास के सहयोग से 'मोर गीतोर हेजार स्रोता' शीर्षक से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।


न्यास की सचिव मंजुला हजारिका के शुभकामना संदेश से शुरू हुए इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में प्रसिद्ध गायिका तराली शर्मा द्वारा डॉ. भूपेन हजारिका के कालजयी गीत 'मानुहे मानुहोर बाबे' पर तैयार की गई विशेष ऑडियो-विजुअल समीक्षा का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही डॉ. सूर्यकांत हजारिका द्वारा प्रस्तुत डॉ. भूपेन हजारिका पर आधारित वृत्तचित्र का भी प्रदर्शन हुआ, जिसमें न्यास की ओर से कल्पना राजकुमार और बाणी देवी ने प्रतिनिधित्व किया।

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