लखीमपुर से राजेश राठी और ओमप्रकाश तिवाड़ी
लखीमपुर, भारतीय संस्कृति में नवरात्रि केवल देवी आराधना का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, करुणा और मानवता के आदर्शों को आत्मसात करने का भी पावन अवसर माना जाता है। इसी भावना को साकार करते हुए महेश्वरी महिला संगठन, उत्तर लखीमपुर शाखा ने गुप्त नवरात्रि की पावन अष्टमी तिथि पर आज धार्मिक आस्था और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। संगठन द्वारा दुर्गा मंदिर एवं श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित सेवा कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और जनकल्याण की भावना से परिपूर्ण रहा। प्रातः लगभग 10 बजे दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना एवं मंगल प्रार्थना के साथ हुआ। इसके उपरांत संगठन की ओर से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं एवं मंदिर प्रबंधन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत एवं उपयोगी अलमारी भेंट की गई। संगठन का यह योगदान मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम का सबसे भावपूर्ण एवं आकर्षक हिस्सा कन्या पूजन एवं भैरव पूजन रहा। भारतीय परंपरा के अनुसार देवी स्वरूप 35 कन्याओं तथा 2 भैरव स्वरूप बालकों का विधिवत दुर्गा मंदिर प्रांगण में पूजन कर उनका चरण वंदन किया गया। तत्पश्चात उन्हें श्रद्धा, सम्मान एवं आत्मीयता के साथ भोजन कराया गया। भोजन के उपरांत सभी कन्याओं तथा उपस्थित श्रद्धालुओं को जूस, ताजे फल एवं वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए उपयोगी छाते भेंट किए गए। इस सेवा कार्य ने आयोजन में उपस्थित सभी लोगों के मन को भावविभोर कर दिया।महेश्वरी महिला संगठन ने अपनी सेवा गतिविधियों का विस्तार करते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर में प्रसाद स्वरूप 15 किलोग्राम खिचड़ी भी श्रद्धापूर्वक अर्पित की, जिसे बाद में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। इस धार्मिक सेवा ने संगठन की जनसेवा एवं धर्मसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को एक बार पुनः रेखांकित किया। इस अवसर पर संगठन की अध्यक्षा सरिता तापड़िया के नेतृत्व में सरोज मालपानी, सरिता लाहोटी, रेखा चांडक, ममता गगड़, संतोष राठी, अंजू बजाज, सुनीता झावर, सुमन तापड़िया तथा सह-सचिव सरिता जाजू सहित संगठन की अनेक सदस्याएं सक्रिय रूप से उपस्थित रहीं। सभी ने पूरे उत्साह, अनुशासन और सेवा-भाव के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कार्यक्रम के समापन अवसर पर अध्यक्षा सरिता तापड़िया एवं सह-सचिव सरिता जाजू ने सभी सदस्याओं, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाजसेवा और धार्मिक कार्य तभी सफल होते हैं जब उनमें सामूहिक सहभागिता, निस्वार्थ सेवा और समर्पण का भाव हो। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग एवं स्नेह से यह आयोजन अत्यंत सफल एवं यादगार बन सका है। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार संगठन को सहयोग एवं मार्गदर्शन मिलता रहे, ऐसी कामना व्यक्त की। महेश्वरी महिला संगठन द्वारा आयोजित यह सेवा कार्यक्रम केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में सेवा, संवेदना, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक संदेश भी छोड़ गया। उपस्थित श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों ने संगठन की इस सराहनीय पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए अनुकरणीय बताया।








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