सोयल खेतान, रोहा
रोहा। नई पीढ़ी के बीच आवृत्ति कला को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से फुलोगुडी-उत्तर पेटबढ़ा में असम आवृत्ति और संस्कृति परिषद की 15 सदस्यीय शाखा समिति का गठन किया गया। सांस्कृतिक कर्मी जिनू बोरा के आह्वान पर उत्तर पेटबढ़ा प्राथमिक विद्यालय में विशेष सभा एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ घांही पंचायत की वार्ड सदस्या रूपा वनिया द्वारा सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका एवं हार्टथ्रुब जुबिन गर्ग के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा नयनाभिराम नामति दल के मुख्य नामति एवं शिल्पी खुशीमनी सैकिया द्वारा बरगीत प्रस्तुति के साथ हुआ।
विशिष्ट साहित्यकार एवं शिक्षाविद् मंजुरानी लस्कर की अध्यक्षता में आयोजित सभा में असम आवृत्ति और संस्कृति परिषद के लक्ष्य एवं उद्देश्यों तथा दैनिक जीवन में आवृत्ति शिक्षण की उपयोगिता पर परिषद के राज्य सह सचिव दुर्लभ पवन बरुआ, नौगांव जिला अध्यक्ष एवं आवृत्ति रत्न लक्षीप्रभा सैकिया तथा बरधाट शाखा समिति अध्यक्ष एवं आवृत्ति रत्न जोनाली बोरा ने विस्तार से विचार रखे।
सभा में प्रीयव्रत जोगी, संयुक्ता प्रियदर्शनी और अत्रैया जोनाक सैकिया की आवृत्ति प्रस्तुतियों ने वातावरण को साहित्यिक रंग से भर दिया। इसके बाद सर्वसम्मति से जिनू बोरा को अध्यक्ष तथा सुनयन सैकिया को सचिव चुना गया और 15 सदस्यीय फुलोगुडी-उत्तर पेटबढ़ा शाखा समिति का गठन किया गया।
सभा के दूसरे सत्र में लक्षीप्रभा सैकिया एवं जोनाली बोरा के नेतृत्व में डॉ. अमर ज्योति चौधरी की कविता ‘मृत्यु जीनार गान’ शीर्षक कविता की आवृत्ति का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका की जन्म शतवार्षिकी के उपलक्ष्य में आयोजित इस कविता प्रशिक्षण शिविर एवं शाखा समिति गठन कार्यक्रम में समाजकर्मी मोहिनी मोहन लस्कर, टुटुमनी सैकिया, संप्रीति सैकिया, मनिका बरकटकी, दुलुमनी बोरा, सोनमनी बोरा, वर्षामनी बोरा, ममी देवी, रुमी सैकिया, लावन्य सैकिया, पिंकी बेरा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।








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