दस्तावेज तैयार कराने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग का लिया जिम्मा
गुवाहाटी, लोक संस्कृति और भ्राम्यमाण थिएटर के क्षेत्र में लंबे समय तक अपनी पहचान बनाने वाली पूर्व लोकप्रिय गायिका एवं नागाड़ा कलाकार जयमती हजारिका की आर्थिक कठिनाइयों को देखते हुए सांस्कृतिक पत्रकार संघ असम (सीजेएए) ने सहायता का हाथ बढ़ाया है।
गुवाहाटी के समीप मिर्जा के बसंती मंदिर स्थित मनपुर में सीजेएए का एक प्रतिनिधिमंडल जयमती हजारिका से मिलने पहुंचा। उन्होंने अपनी सुरीली एवं जीवंत आवाज के माध्यम से भ्राम्यमाण थिएटर के साथ-साथ दक्षिण कामरूप के विभिन्न मंचों पर लंबे समय तक अपनी छाप छोड़ी है। वे शास्त्रीय संगीत में भी प्रशिक्षित हैं।
हाल ही में सोशल मीडिया के माध्यम से फिर चर्चा में आईं जयमती हजारिका वर्तमान में आर्थिक अनिश्चितता और कठिन परिस्थितियों से गुजर रही हैं। आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण वे सरकारी योजनाओं एवं कलाकार पेंशन का लाभ भी नहीं ले पा रही थीं।
स्थिति को देखते हुए सीजेएए के संगठनात्मक सचिव हेमंत शर्मा एवं सह-सचिव गोपाल जालान ने व्यक्तिगत रूप से उन्हें खाद्य सामग्री, बर्तन, कपड़े एवं आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके साथ ही संगठन ने उनके आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने की जिम्मेदारी भी ली है, ताकि उन्हें अरुणोदय जैसी सरकारी योजनाओं एवं कलाकार पेंशन का लाभ दिलाया जा सके।
हेमंत शर्मा ने कहा कि संगठन सांस्कृतिक विभाग से संपर्क कर ऐसे गुमनाम कलाकारों को आसानी से पेंशन एवं अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करेगा। उन्होंने कहा कि जीवनभर लोक संस्कृति को समर्पित रहने वाले अनेक कलाकार जीवन के अंतिम दौर में उचित सम्मान और सहायता से वंचित रह जाते हैं।
गोपाल जालान ने समाज से अपील की कि जयमती हजारिका जैसे कलाकारों को दया की दृष्टि से नहीं, बल्कि असम की सांस्कृतिक विरासत के संवाहक के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने सक्षम नागरिकों, सांस्कृतिक संगठनों एवं सरकारी विभागों से ऐसे कलाकारों को उनका उचित सम्मान, गरिमा और सरकारी सुविधाएं दिलाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।










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