सोयल खेतान, रोहा
रोहा में आयोजित तीन दिवसीय क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन, जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन भी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न पारंपरिक शिल्पकलाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
रोहा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के तत्वावधान तथा स्थानीय शिल्पकारों के सहयोग से तीन दिवसीय प्रदर्शनी, हस्तशिल्प जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पारंपरिक हस्तशिल्प एवं शिल्पकला के प्रति जागरूकता पैदा करने तथा असम की समृद्ध शिल्प एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के तहत कार्बी एवं तिवा जनजातीय पोशाक, बांस शिल्प, असमिया आभूषण तथा मृद्शिल्प से संबंधित सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाई गई है। स्थानीय शिल्पकारों एवं हस्तशिल्पियों ने विद्यार्थियों के समक्ष विभिन्न शिल्पकलाओं का जीवंत प्रदर्शन किया तथा अपनी दक्षता के माध्यम से शिल्प निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं से उन्हें परिचित कराया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन बांस एवं बेंत शिल्प में मुकेश सैकिया, शिल्पी ओमप्रकाश सैकिया, ज्वेलरी में डेंगमीर रंग्हापी, एम्ब्रॉयडरी में रुनजून सैकिया एवं नंदिता पातर तथा टेराकोटा में जयंत दास ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
तीन दिवसीय यह कार्यक्रम सोमवार को संपन्न होगा। आयोजकों का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक कला एवं शिल्प से जोड़ने के साथ-साथ इन क्षेत्रों में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की संभावनाओं से परिचित कराना भी है।








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