रमेश मुंदड़ा
होजाई: होजाई शहर के प्राचीन सार्वजनिक श्री श्री विष्णु मंदिर में इस वर्ष भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन उत्सव अत्यंत धूमधाम, भक्ति और अपार श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। पिछले 75 वर्षों की अटूट परंपरा को कायम रखते हुए इस बार भी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। उत्सव की शुरुआत गत 4 सितंबर की सुबह से ही मंदिर प्रांगण में भक्तों के आगमन के साथ हुई, जहाँ पूरा वातावरण कान्हा की भक्ति में लीन नजर आया। शाम 5:00 बजे वैदिक मंत्रों के सस्वर उच्चारण के साथ विशेष पूजन का शुभारंभ किया गया।
शाम 7:00 बजे स्थानीय गोपिनी समाज की महिलाओं द्वारा जन्माष्टमी का भक्तिमय 'नाम-प्रसंग' आयोजित किया गया, जिसका कुशल संचालन मुख्य नामती मनो बोरठाकुर और दीप्ति बोरकाटकी ने किया। इसके पश्चात रात 10:00 बजे मुख्य पुरोहित अरुण बोरकाटकी के आतिथ्य एवं नेतृत्व में चार विद्वान ब्राह्मणों द्वारा भव्य 'विष्णु होम' (यज्ञ) का अनुष्ठान संपन्न कराया गया। मध्यरात्रि 12:00 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच निर्मेलि प्रदान की गई और महाभोग प्रसाद का वितरण किया गया। उल्लेखनीय है कि होजाई का यह सार्वजनिक विष्णु मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल भी है। यहाँ प्रतिवर्ष स्थानीय सभी भाषा और वर्ण के हिंदू धर्मावलंबी एकजुट होकर आपसी भाईचारे और उल्लास के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व मनाते आ रहे हैं।










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